कवर्धा। छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश अब लोगों के लिए मुसीबत का सबब बनती जा रही है। कवर्धा जिले के बोड़ला ब्लॉक के अंतर्गत घुमाछापर गांव के पास मंगलवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहां रेत से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली अचानक आई बाढ़ की चपेट में आ गई और उसमें सवार सभी मजदूर बहने लगे। गनीमत रही कि सभी सात मजदूरों ने सूझबूझ और साहस दिखाते हुए तैरकर अपनी जान बचा ली।
कैसे हुआ हादसा
मिली जानकारी के अनुसार मजदूर टमरू नाले से रेत भरकर वापस लौट रहे थे। इस दौरान उनकी ट्रैक्टर-ट्रॉली नाले के बीचों-बीच फंस गई। इसी बीच क्षेत्र में हो रही तेज बारिश से नाले का जलस्तर अचानक बहुत तेजी से बढ़ गया। देखते ही देखते पानी का बहाव इतना तेज हो गया कि ट्रैक्टर-ट्रॉली समेत मजदूर बहने लगे।
मजदूरों ने ऐसे बचाई जान
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि यह मजदूर अवैध रूप से नाले से रेत निकाल रहे थे। अचानक पानी का बहाव तेज होने पर वे घबरा गए, लेकिन हिम्मत जुटाकर सभी ने छलांग लगा दी। करीब आधा किलोमीटर तक बहने के बाद सभी ने किसी तरह तैरकर किनारे पर पहुंचकर अपनी जान बचाई।
ट्रैक्टर-ट्रॉली बह गई पानी में
हालांकि मजदूर तो सुरक्षित निकल आए, लेकिन रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली पानी के तेज बहाव में पूरी तरह डूब गई और बहकर दूर चली गई। इसके चलते वाहन का कोई पता नहीं चल पाया है।
अवैध रेत खनन पर उठे सवाल
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में हो रहे अवैध रेत खनन पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आए दिन मजदूर और वाहन इस तरह से जान जोखिम में डालते हैं। प्रशासन से मांग की गई है कि नाले से हो रहे अवैध रेत उत्खनन पर कड़ी रोक लगाई जाए।
लगातार बारिश से बढ़ रहा खतरा
गौरतलब है कि मानसून सक्रिय होने के बाद कवर्धा सहित प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश हो रही है। नदी-नाले उफान पर हैं और लगातार हादसों का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी हाल में उफनती नदी-नालों को पार करने की कोशिश न करें।

Satyanarayan Vishwakarma serves as the Chief Editor of Samwad Express, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments

















