गरियाबंद। देवभोग पुलिस ने दो ऐसे “खजाना खोजियों” को धर दबोचा है, जो खुद को शायद कोहिनूर का वारिस समझ बैठे थे! ये दोनों युवक आईटीआई कॉलेज के सामने ग्राहक का इंतजार कर रहे थे — हाथ में हीरे जैसे चमकीले पत्थर, और दिल में सपने अरबपति बनने के।

मुखबिर ने खबर दी, पुलिस पहुंची, और दोनों के सारे “मिशन कोहिनूर” के अरमान धराशायी हो गए। तलाशी में पुलिस ने बरामद किए 22 नग चमकते हुए पत्थर, दो मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल — जो शायद “माइनिंग मोबाइल यूनिट” का काम कर रही थी। कुल कीमत? लगभग चार लाख रुपये — वो भी “अगर चमक को ही मोल मानें तो”!

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे इन पत्थरों को ऊँचे दाम पर बेचने जा रहे थे। यानी कि ‘हीरा है या नहीं’, यह बाद में पता चलता — लेकिन ‘बेचना है जरूर!’
पुलिस ने दोनों को पकड़कर सिखाया कि सिर्फ दिल में चमक काफी नहीं, खनिज विभाग की अनुमति भी जरूरी है। अब दोनों के हीरे जेल के अंधेरे में चमक रहे हैं।

Satyanarayan Vishwakarma serves as the Chief Editor of Samwad Express, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments

















