संवाद एक्सप्रेस। विजय कुमार विश्वकर्मा
शहडोल। लगता है अब बसों में सिर्फ यात्री ही नहीं, “नशे के कारोबारी” भी सवार होकर शहर की सैर करने निकल पड़ते हैं। लेकिन इस बार कोतवाली पुलिस ने खेल बिगाड़ दिया। मुखबिर की टिप पर पुलिस ने नया बस स्टैंड पर ऐसी ‘चेकिंग’ की कि दो यात्रियों की “स्मैक यात्रा” बीच रास्ते में ही खत्म हो गई।
पकड़े गए दो “साहसी यात्री” — अनिल कोरी और संजय कुमार सोनी — रीवा से शहडोल तक स्मैक का टिकट कटाकर चले आए थे। बस से उतरते ही पुलिस को देखकर इनके कदम ऐसे कांपे जैसे किसी ने सीट आरक्षित कर ली हो। घेराबंदी में फंसे तो जेब से निकली 11.11 ग्राम अवैध स्मैक, कुछ नगदी और सपने — जल्दी अमीर बनने के!

पुलिस ने जब स्मैक की कीमत ₹30,000 आंकी तो शायद आरोपी भी सोच में पड़ गए होंगे — “अरे! इतना तो हमने सोचा भी नहीं था!”। पूछताछ में दोनों ने बताया कि वो इसे शहर में महंगे दामों पर बेचने वाले थे। यानी ‘डिस्काउंट सेल’ नहीं, बल्कि ‘नशा प्रीमियम ब्रांड’ का कारोबार चल रहा था।
जैसे ही मुखिया का नाम उगलवाया गया, पुलिस ने बिजली की गति से दबिश दी और तीसरे साथी गौरीशंकर सोनी को धर दबोचा। उसके पास से 1700 रुपये मिले — यानी स्मैक सेल का पहला कलेक्शन!
कोतवाली पुलिस अब एन.डी.पी.एस. एक्ट के तहत सभी पर मामला दर्ज कर चुकी है। दो और “सप्लायर” फरार हैं — शायद अब बसों की बजाय ट्रेन या ऑटो में बैठने की सोच रहे होंगे।
पुलिस का कहना है — “नशे का कारोबार करने वालों के लिए अब कोई ‘सेफ रूट’ नहीं बचा… अगली बस में शायद पुलिस ही कंडक्टर बने बैठे मिले!”

Satyanarayan Vishwakarma serves as the Chief Editor of Samwad Express, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments







