गरियाबंद । मैनपुर पंचायत में हुई महिला बाल विकास विभाग की सामान्य बैठक में कुछ ऐसा नज़ारा देखने को मिला कि लोग समझ ही नहीं पाए कि ये बैठक “महिलाओं” की है या “उनके जीवनसाथियों” की! जनपद सदस्य परमेश्वर जैन ने बैठक के बाद विभाग पर ऐसे सवालों की झड़ी लगा दी कि पंखा भी हांफने लगा।
जैन का आरोप है कि बैठक में चुनी हुई महिला जनप्रतिनिधियों की कुर्सियों पर उनके पति ऐसे विराजमान थे, मानो “पति बाल विकास योजना” के तहत उन्हें स्थायी नियुक्ति मिल गई हो। विभाग की तरफ से भी शायद इस नयी “संयुक्त शासन पद्धति” को बढ़ावा दिया जा रहा है — “एक सीट, दो आत्माएं” नीति के तहत।

इसके अलावा जैन ने आंगनबाड़ी भर्ती में ऐसी धांधली के आरोप लगाए हैं, जिसे सुनकर एक्सेल शीट भी शर्मा जाए। कहा जा रहा है कि योग्यता से ज़्यादा “जान-पहचान” और “रिश्ता-पहचान” को वज़न मिला।
परमेश्वर जैन का दावा है कि अगर इस पूरे मामले की जांच हुई तो ऐसे खुलासे होंगे कि “आंगनबाड़ी भवन” नहीं, “आंगनबाड़ी महल” नजर आने लगेंगे।
फिलहाल विभाग ने चुप्पी साध रखी है — शायद अगली बैठक की तैयारी चल रही है, जिसमें इस बार “पति-पत्नी दोनों के लिए अलग-अलग नामपट्टिका” रखी जाएगी।

Satyanarayan Vishwakarma serves as the Chief Editor of Samwad Express, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments

















