गरियाबंद। जतमई-घटारानी घूमने गए तीन दोस्तों को क्या पता था कि लौटते वक्त वे पर्यटन स्थल से सीधे एडवेंचर पार्क में एंट्री मार लेंगे। केडिआमा तालाब के पास सड़क किनारे अचानक प्रकट हुए तीन मोटरसाइकिलों में सवार सात युवक ऐसे उभरे मानो किसी लो-बजट एक्शन फिल्म की शूटिंग चल रही हो।
पहले ओवरटेक, फिर बाइक की चाबी खींचकर स्टंट, फिर गालियों की डबिंग और उसके बाद मूल कहानी—लूट।
तीनों के 3 मोबाइल, 4400 रुपए और इज्जत का गुरुत्वाकर्षण भी साथ ले गए ये ‘नवयुवक उद्यमी’। प्रकरण दर्ज हुआ तो BNS की धारा भी सोचने लगी—“हमसे क्या गलती हो गई कि हर बार हमीं को बुला लेते हो!

ऑपरेशन: ‘ढूंढो और धरो
वरिष्ठ अधिकारियों ने आदेश दिया, फिर क्या था—थाना छुरा और साइबर सेल ने तुरंत ही मुखबिर सेवा एक्टिवेट की। मुखबिर ने लोकेशन, नाम, पता—सब ‘कैश ऑन इंफॉर्मेशन’ मोड में डिलीवर कर दिया।
अगले ही दिन पुलिस ने एक-एक कर सातों को पकड़ लिया, जिसमें एक विधि से संघर्षरत बालक भी मिला—जो शायद विधि से कम और बाइक से ज्यादा संघर्ष कर रहा था।
अपराधियों की कास्ट लिस्ट
इस गैंग की खासियत यह रही कि यह इंटर-डिस्ट्रिक्ट टीम वर्क में पूरा विश्वास रखती थी—गरियाबंद, बेमेतरा, धमतरी और रायपुर—सभी जिलों से कलाकार उपलब्ध!

कुछ आरोपी तो पहले से ही सीरियल अपराधी फ्रेंचाइज़ी चला रहे थे। कोई आम्र्स एक्ट का कलेक्शन बना चुका था, तो कोई 294 और 327 जैसी धाराओं के साथ कई सीज़न पुराना था।
जप्त सामग्री:
दो मोटरसाइकिलें, एक स्कूटी, तीन मोबाइल और 4400 रुपए—यानी वो सब चीजें जिनके लिए सात लोगों ने शाम की सड़क को क्राइम कॉरिडोर बना दिया था।

Satyanarayan Vishwakarma serves as the Chief Editor of Samwad Express, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments

















