(संवाद एक्सप्रेस)गरियाबंद । जतमई धाम में ‘भक्ति के बीच ब्रेकिंग न्यूज़’ — मां का आशीर्वाद बचा, चैन नहीं बची… लेकिन पुलिस ने चैन से नहीं बैठने दिया!
नए साल की शुरुआत जहाँ लोग भक्ति, शांति और प्रसाद की उम्मीद में मंदिरों का रुख कर रहे थे, वहीं जतमई धाम में दो शातिर महिलाओं ने साबित कर दिया कि आस्था के साथ अवसर मिले तो झपटमारी भी हो सकती है। फर्क बस इतना है कि इस बार किस्मत ने ‘स्नेचिंग एक्सप्रेस’ को ज्यादा दूर नहीं जाने दिया।
दिनांक 01 जनवरी 2026, प्रार्थी अनुज कुमार अपनी माता श्रीमती लीलाबाई मांझी को लेकर जतमई धाम दर्शन के लिए पहुँचे थे। माँ ने मन ही मन मन्नत मांगी होगी, और दो अज्ञात महिलाएँ मन ही मन माला गिन रही थीं।
दर्शन के दौरान श्रद्धा, भीड़ और भगवान—
तीनों में से किसी एक का फायदा उठाते हुए, महिलाओं ने लाल क्रिस्टल मोती माला में जड़ी सोने की तीन पत्ती पर ऐसा हाथ साफ किया कि पल भर में भक्ति “ब्रेकिंग न्यूज़” में बदल गई।
सोना गया, लेकिन भरोसा नहीं—क्योंकि गरियाबंद पुलिस थी साथ!
थाना छुरा में जैसे ही मामला दर्ज हुआ (अपराध क्रमांक 01/2026), पुलिस ने तय कर लिया कि नया साल अपराधियों के लिए शुभ नहीं होगा।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस ने मुखबिर, तकनीक और तफ्तीश—
तीनों का ऐसा संगम कराया कि चैन स्नेचिंग की यह ‘महिला जोड़ी’ ज्यादा दिन चैन से नहीं रह सकी।
मुखबिर बोले, तकनीक बोली और आरोपी खुद भी बोल पड़ीं!
पुलिस हिरासत में आते ही दोनों महिलाओं ने ऐसा स्वीकारोक्ति गीत गाया कि सोने की पत्ती खुद सामने आ गई।
आरोपियों के नाम भी किसी थ्रिलर फिल्म से कम नहीं—
मधु बाई (35 वर्ष), जिनका चैन स्नेचिंग से पुराना नाता है—इतना पुराना कि जीआरपी थाना बिलासपुर भी उन्हें पहले से जानता है।
कामेश्वरी देढ़े (30 वर्ष), जो इस ‘न्यू ईयर ऑफर’ में साझेदार बनीं।
दोनों के कब्जे से ₹35,000 कीमत की सोने की पत्ती लगी माला बरामद कर ली गई—यानी जो गया था, वो वापस आया; जो करना था, वो हो गया।
महिला सशक्तिकरण नहीं, महिला अपराधीकरण पर लगा ब्रेक
गरियाबंद पुलिस ने साफ संदेश दिया—
👉 मंदिर हो या बाजार, श्रद्धालु हों या आमजन—अपराध को आस्था का सहारा नहीं मिलेगा।
👉 चैन स्नेचिंग अब “फटाफट पैसा” नहीं, “फटाफट जेल” का रास्ता है।
थाना छुरा पुलिस टीम को सलाम, जिन्होंने नए साल में अपराधियों को यह याद दिला दिया कि—
“चैन छीनने वाले चैन से नहीं रहेंगे।”

Satyanarayan Vishwakarma serves as the Chief Editor of Samwad Express, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments



