(संवाद एक्सप्रेस)गरियाबंद। कहते हैं मेहनत का फल मीठा होता है, लेकिन गरियाबंद में यह फल मीठा नहीं बल्कि धान का बोरा निकला। बीते लगभग दो माह में धान ने ऐसी तरक्की की कि सीधे 01 करोड़ 03 लाख 56 हजार 815 रुपये की ऊँचाई पर पहुँच गया। अगर धान बोल पाता तो शायद कहता – “मुझे भी ईडी में बुला लो।”
गरियाबंद पुलिस ने इस धान-यात्रा पर अचानक ब्रेक लगाते हुए साबित कर दिया कि जिले में धान सिर्फ खेत में अच्छा लगता है, बोलेरो और मेटाडोर में नहीं।
https://samwadexpress.com/firing-broke-the-morale-naxalite-fled-leaving-ration-in-shobhas-forest/
परिणामस्वरूप, उड़ीसा से छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ रही धान-सेवा एक्सप्रेस को एक के बाद एक स्टेशन पर उतार दिया गया।

धान का ‘कॉरिडोर’ और पुलिस का ‘चेक पोस्ट राज’
वरिष्ठ अधिकारियों के दिशा-निर्देश के बाद बार्डर चेक पोस्ट ऐसे सक्रिय हुए मानो आईपीएल फाइनल हो।
हर वाहन से सवाल पूछा गया –
“कागज है?”
और जवाब मिला –
“धान ही कागज है साहब।”
बस फिर क्या था, बिना कागज का धान सीधे जप्त एक्सप्रेस में सवार।

06 जनवरी 2026 : जब धान ने तय किया ‘थाना दर्शन’
दिनांक 06.01.2026 को मुखबिरों की कृपा से धान की किस्मत खुली और वह खेत के बजाय थाने पहुँच गया।
थाना देवभोग में 407 मेटाडोर (OD-08-D-8898) ने 100 कट्टा (40 क्विंटल) धान के साथ खुद को पुलिस के हवाले कर दिया।
थाना अमलीपदर क्षेत्र में बिना नंबर प्लेट वाला ट्रैक्टर मिला, जिसमें 80 कट्टा (36 क्विंटल) धान था –
यानी “पहचान गुप्त, धान स्पष्ट।”

थाना छुरा में दो बोलेरो पिकअप (CG-07-BG-3987 और OD-26-8272) ने मिलकर 116 कट्टा धान को ऐसे ढोया जैसे रिश्तेदार की शादी हो।
कुल मिलाकर 04 प्रकरण, 296 कट्टा (122.4 क्विंटल) धान और 04 वाहन पुलिस मेहमान बने।
https://samwadexpress.com/two-accused-who-demanded-money-for-liquor-and-fought-after-a-dispute/
आंकड़े जो सरकारी फाइल में नहीं, सुर्खियों में चमके
कुल अवधि : एक माह 28 दिन
कुल प्रकरण : 70
कुल वाहन : 66 चार पहिया + 04 लावारिस
कुल कट्टा : 7744
कुल मात्रा : 3308.65 क्विंटल
कुल कीमत : 01 करोड़ 03 लाख 56 हजार 815 रुपये
इतनी मात्रा देखकर धान भी सोच में पड़ गया होगा कि
“मैं अनाज हूँ या रियल एस्टेट?”
धान बोले – खेत से थाने तक का सफर
धान की असली समस्या यह रही कि वह पंजीकृत किसान नहीं ढूँढ पाया और निर्धारित खरीदी केंद्र को गूगल मैप पर मिस कर गया।
नतीजा – सीधे पुलिस रिकॉर्ड में एंट्री।

पुलिस का संदेश साफ
गरियाबंद पुलिस ने साफ कर दिया है कि
“धान अगर खेत से थाने पहुँचा, तो अगला पड़ाव विभागीय सुपुर्दगी होगा।”
अवैध धान परिवहन और बिक्री के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा, ताकि धान को यह याद दिलाया जा सके कि
धान का सही पता – खेत और खरीदी केंद्र, न कि बोलेरो, ट्रैक्टर और मेटाडोर।

Satyanarayan Vishwakarma serves as the Chief Editor of Samwad Express, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments



