गरियाबंद। क्षेत्र के अन्नदाता किसानों ने शासन-प्रशासन से कोदोबत्तर समिति में शीघ्र धान उपार्जन केंद्र शुरू करने की मांग की है। इस संबंध में किसानों ने संयुक्त रूप से ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं की गई, तो 12 नवंबर को वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
किसानों ने बताया कि वर्षों से सोहागपुर समिति के अंतर्गत आने वाले 14 गांवों के किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। सोहागपुर उपार्जन केंद्र में जगह की कमी और अत्यधिक दूरी के कारण किसानों को धान विक्रय में असुविधा होती है। किसानों के अनुसार, प्रतिवर्ष लगभग 95 हजार क्विंटल से अधिक धान की खरीदी सोहागपुर उपार्जन केंद्र में की जाती रही है, लेकिन जगह की कमी के कारण कई दिनों तक खरीदी बंद करनी पड़ती है, जिससे किसानों को नुकसान झेलना पड़ता है।

ज्ञापन में किसानों ने कहा कि शासन के आदेशानुसार पहले ही सोहागपुर समिति से अलग कर कोदोबत्तर समिति का गठन किया जा चुका है, लेकिन आज तक समिति कार्यालय का संचालन शुरू नहीं किया गया है। इससे किसानों की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। किसानों ने शासन-प्रशासन से कई बार मौखिक और लिखित रूप से आग्रह किया है कि कोदोबत्तर में नवीन समिति के तहत धान उपार्जन केंद्र की शुरुआत की जाए।
किसानों का कहना है कि यदि शासन किसानों की समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर नहीं हुआ, तो 12 नवंबर 2025 को सभी किसान कोदोबत्तर में प्रदर्शन करेंगे और राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-130सी पर चक्काजाम करने को बाध्य होंगे। इस स्थिति में समस्त जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

किसानों ने स्पष्ट कहा कि वे वर्षों से इस नई समिति की मांग करते आ रहे हैं ताकि क्षेत्र के किसानों को धान विक्रय में सुविधा मिल सके, लेकिन बार-बार आश्वासन के बावजूद समिति का संचालन प्रारंभ नहीं किया गया। अब धैर्य की सीमा समाप्त हो चुकी है।
किसानों ने प्रशासन से तात्कालिक कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि आगामी खरीदी सीजन से पहले कोदोबत्तर समिति कार्यालय और धान उपार्जन केंद्र को सक्रिय किया जाए, ताकि किसानों को अनावश्यक परेशानी से राहत मिल सके।

Satyanarayan Vishwakarma serves as the Chief Editor of Samwad Express, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments

















