(संवाद एक्सप्रेस)गरियाबंद। लगता है इन दिनों कुछ लोगों ने “स्टार्टअप इंडिया” को थोड़ा ज़्यादा ही सीरियस ले लिया है—बस फर्क इतना है कि इनका स्टार्टअप “ग्रीन बिजनेस” था, जिसमें हरा-भरा माल उड़ीसा से उठाकर मध्यप्रदेश तक “होम डिलीवरी” किया जा रहा था। लेकिन अफसोस, इस बार ग्राहक से पहले ही गरियाबंद पुलिस ने पार्सल रिसीव कर लिया।
दिनांक 21 मार्च 2026 को थाना मैनपुर पुलिस को मुखबिर से खबर मिली कि “गांजा ऑन व्हील्स” सेवा जोरों पर है। फिर क्या था—पुलिस ने भी ठान लिया कि आज ‘डिलीवरी ऐप’ को अनइंस्टॉल करके ही दम लेंगे। दो अलग-अलग जगहों पर रेड की प्लानिंग हुई, जैसे कोई फिल्मी क्लाइमेक्स चल रहा हो।
पहला सीन ग्राम झरियाबाहरा के पास सेट हुआ, जहां एक स्टाइलिश प्लसर बाइक (जिसके नंबर प्लेट पर लिखा था ‘302 SARJAN LOH RR’—लगता है खुद ही ब्रांडिंग कर रखी थी) में दो युवक आराम से “ग्रीन गोल्ड” लेकर घूम रहे थे। पुलिस ने रोका तो दोनों ने पहले तो मासूम चेहरा बनाया, लेकिन तलाशी में सारा ‘हरित खजाना’ बाहर आ गया।
इनके पास से निकला 14.075 किलो गांजा, जिसकी कीमत करीब 7 लाख 3 हजार 750 रुपये बताई गई। साथ में बाइक भी जब्त—कुल पैकेज 8.5 लाख से ऊपर का।

दूसरा सीन मैनपुरकला मोड़ के पास बुढ़ा देव मंदिर के पास शूट हुआ, जहां एक और “डिलीवरी एजेंट” अपने मिशन पर था। पुलिस ने जैसे ही घेरा, उसकी स्पीड ब्रेक लग गई। तलाशी में 4.5 किलो गांजा और एक और प्लसर बाइक बरामद—यानी यहां भी “ग्रीन कार्गो” पकड़ा गया।
कुल मिलाकर इस एपिसोड में 18.575 किलो गांजा (कीमत करीब 9 लाख 28 हजार 750 रुपये) और दो मोटरसाइकिलें (करीब 3 लाख) पुलिस के हाथ लगीं।
अब अगर आप सोच रहे हैं कि ये सब कोई फिल्म की स्क्रिप्ट है, तो नहीं साहब—ये “रियल लाइफ क्राइम थ्रिलर” है, जिसमें हीरो की भूमिका निभा रही है गरियाबंद पुलिस।
तीनों आरोपी—सरजन, दिलीप और अंकुर—जो खुद को शायद ‘लॉजिस्टिक्स एक्सपर्ट’ समझ रहे थे, अब न्यायिक हिरासत में “सरकारी मेहमान” बन चुके हैं। इनके इंटरस्टेट नेटवर्क का सपना भी अब जेल की चारदीवारी में ही पूरा होगा।
पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर के निर्देशन में जिले में नशे के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। साफ संदेश है—
“अगर आप ‘ग्रीन बिजनेस’ में हैं, तो याद रखिए… पुलिस के पास ‘रेड बटन’ हमेशा ऑन रहता है!
जहां एक ओर देश डिजिटल इंडिया की ओर बढ़ रहा है, वहीं कुछ लोग अभी भी “गांजा ट्रांसपोर्ट सर्विस” में करियर तलाश रहे हैं। लेकिन गरियाबंद पुलिस ने साफ कर दिया है—यहां ‘डिलीवरी चार्ज’ नहीं, सीधे ‘जेल चार्ज’ लगता है!

Satyanarayan Vishwakarma serves as the Chief Editor of Samwad Express, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments

















