गरियाबंद। जिले के फिंगेश्वर सिंचाई अनुविभाग में नहरों की फर्जी मरम्मत के नाम पर 1 करोड़ से अधिक रुपए के बंदरबांट का मामला सामने आया है। किसान यादराम साहू ने आरटीआई के जरिए दस्तावेज निकालकर जब विभागीय एसडीओ के साथ मौके का निरीक्षण किया तो गड़बड़ी का बड़ा खुलासा हुआ।

प्राप्त रिकॉर्ड के मुताबिक, फिंगेश्वर वितरक साखा नहर से जुड़े 9 माइनर नहरों—भसेरा, पोलकर्रा, पेंड्रा, रोबा समेत 10 से अधिक गांवों में मार्च 2025 से पहले ही मरम्मत दिखाकर 56 स्थानों पर 1600 मीटर से ज्यादा हिस्से को क्षतिग्रस्त बताया गया। इसके नाम पर कोरबा की दो ठेका कंपनियों को 4.46 लाख रुपए का भुगतान कर दिया गया। इतना ही नहीं, मजदूरी मद में 2 लाख से ज्यादा का भुगतान भी दर्शाया गया, लेकिन मस्टर रोल पूरी तरह गायब कर दिया गया।

किसानों का आरोप है कि फिंगेश्वर अनुविभाग में ऐसी ही 27 से अधिक नहरों और सिंचाई योजनाओं के नाम पर 1 करोड़ से ज्यादा की गड़बड़ी की गई है। मामले में विभाग के बड़े अफसरों ने चुप्पी साध ली, जिसके बाद किसानों ने सत्यापित दस्तावेजों के साथ एसपी को लिखित शिकायत सौंप दी है।

किसानों को नहीं मिल रही सिंचाई सुविधा
खरीफ सीजन में फिंगेश्वर अनुभाग के टेल एरिया के किसानों को सिंचाई सुविधा नहीं मिलने से नाराज कृषकों ने दो बार दफ्तर का घेराव भी किया था। एसडीओ द्वारा कई बार डिवीजन कार्यालय को मरम्मत प्रस्ताव भेजने के बावजूद काम नहीं हुआ। किसानों ने जब आरटीआई से जानकारी निकाली तो विभागीय अफसरों ने आनन-फानन में फिंगेश्वर एसडीओ दफ्तर से मरम्मत कार्यों की फाइलें ही गायब करवा दीं।
जांच पर अड़े एसडीओ
मामले में खुलासा यह भी हुआ कि गड़बड़ी को अंजाम देने के लिए कुछ दिनों तक फिंगेश्वर का चार्ज दूसरे एसडीओ को दिया गया था। हालांकि, वर्तमान एसडीओ अब भी जांच कराने पर अड़े हुए हैं।

Satyanarayan Vishwakarma serves as the Chief Editor of Samwad Express, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments

















