संवाद एक्सप्रेस। विजय कुमार विश्वकर्मा
शहडोल । रामपुर बटुरा ओसीएम में कोयला खदान से उठता धुआं अब सिर्फ कोयला नहीं, मौत उगल रहा है। अमलाई थाना क्षेत्र के कोयला खदान से निकला बारूद वाला दूषित पानी अब गौवंशों की जान का दुश्मन बन चुका है। जहां एक बार फिर पांच गायों की मौत ने SECL प्रबंधन की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बारूद वाले पानी ने फिर ली गायों की जान
जिले के अंतिम क्षेत्र अमलाई थाना अंतर्गत SECL सोहागपुर क्षेत्र की रामपुर बटुरा ओसीएम खदान से निकलने वाले बारूद युक्त दूषित पानी ने एक बार फिर पांच गौवंशों की जान ले ली। बताया जा रहा है कि खदान से छोड़ा गया यह जहरीला पानी गोपला नाला के जरिए लगभग 500 मीटर की दूरी तय कर कटना नाला में मिलता है। आगे चलकर सोन नदी में प्रवेश कर जाता है।
SECL प्रबंधन पर लीपापोती के आरोप
मवेशी मालिक सम्हारू बैगा निवासी रामपुर बस्ती की दो गाय और गौपालक ननून्हा बैगा की दो गाय व एक बैल की मौत हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। कुछ माह पहले भी इसी तरह बारूद मिला पानी पीने से छह गायों की मौत हुई थी। लेकिन उस समय भी SECL प्रबंधन ने मामले पर लीपा-पोती कर दी थी।

कोयला उत्पादन के दौरान ब्लास्टिंग के बारूद से जहरीला हो रहा पानी
ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि खदान में कोयला उत्पादन के दौरान ब्लास्टिंग की प्रक्रिया में उपयोग किए जाने वाले बारूद के रासायनिक अवशेष आसपास के नालों में बह जाते हैं। यह दूषित पानी मवेशियों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि SECL द्वारा खदान से गोपला नाला में 24 घंटे पंप के माध्यम से यह गंदा पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र का जल स्रोत प्रदूषित हो चुका है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि गौवंशों की मौत का जिम्मेदार SECL प्रबंधन पर कड़ी कार्रवाई हो और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। हमारी गायें हमारे परिवार का हिस्सा हैं। लेकिन खदान का ज़हर धीरे-धीरे सबको मार रहा है।
प्रकृति और पशुओं को निगल रहा ज़हर
खदान से छोड़ा गया जहरीला पानी गोपला नाला और कटना नाला से होते हुए सीधे सोन नदी में जा मिल रहा है। यानी ज़हर अब धीरे-धीरे प्रकृति और पशुओं दोनों को निगल रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है, लेकिन SECL प्रबंधन अब भी खामोश है।
इस पूरे मामले में अमलाई थाना प्रभारी जे पी शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि रामपुर में मवेशियों की मौत होने का मामला आया था। मामले में की शिकायत पर मामले की जांच कर उचित कार्यवाही की जाएगी।

Satyanarayan Vishwakarma serves as the Chief Editor of Samwad Express, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments







