(संवाद एक्सप्रेस)गरियाबंद। रायपुर रेंज के बहुचर्चित “ऑपरेशन निश्चय” के तहत गरियाबंद पुलिस ने ऐसा निश्चय किया कि 40 किलो गांजा भी अपनी किस्मत पर अफसोस करने लगा। NH-130 पर नाकाबंदी के दौरान पुलिस ने एक सिल्वर रंग की हुंडई औरा को रोका, जिसे देखकर गांजा समझ गया कि आज उसकी “अंतरराज्यीय सैर” यहीं समाप्त होने वाली है।
सूत्रों के मुताबिक, गांजा यूपी नंबर की कार में इतने आत्मविश्वास से यात्रा कर रहा था, मानो उसे कोई पूछने वाला ही नहीं। लेकिन पुलिस की नजर पड़ते ही उसका आत्मविश्वास ब्राउन टेप में लिपटकर डिग्गी में सिमट गया।

कार में सवार चार तस्कर खुद को सामान्य यात्री समझ बैठे थे, लेकिन तलाशी के दौरान पुलिस ने डिग्गी खोलते ही ऐसा “हरित दर्शन” किया कि मौके पर मौजूद गवाह भी चौंक गए। दो सफेद प्लास्टिक बोरियों में ब्राउन टेप से लिपटे 39 पैकेट—मानो गांजे ने भी पूरी तैयारी कर रखी थी कि पकड़े जाने पर गिनती में कोई गड़बड़ न हो।
कानून ने कहा – वजन कर लो पहले!
तौल मशीन पर गांजा आया तो नतीजा निकला पूरे 40 किलो। कीमत पूछी गई तो 20 लाख। साथ में कार, मोबाइल और तस्करों के सपने—सब मिलाकर कुल 23 लाख 20 हजार की “हरियाली” पुलिस के कब्जे में।

पुलिस की जीत, तस्करों की हार
थाना पाण्डुका पुलिस और साइबर टीम की संयुक्त कार्रवाई ने यह साबित कर दिया कि ऑपरेशन निश्चय सिर्फ नाम नहीं, बल्कि तस्करों के लिए “निश्चयात्मक झटका ” है।
गरियाबंद में अब संदेश साफ है—
“यहां सड़कें भले लंबी हों, लेकिन गांजे की यात्रा छोटी है।”
फिलहाल चारों आरोपी न्यायालय की शरण में हैं और पुलिस बाकी कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
कुल मिलाकर, इस बार गांजे ने सोचा था राजिम तक, लेकिन पहुंच गया थाने तक।

Satyanarayan Vishwakarma serves as the Chief Editor of Samwad Express, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments



