गरियाबंद। त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव खत्म होते ही गांव वालों ने सोचा था—“अब कुछ तो बदलेगा।” लेकिन बदला सिर्फ इतना कि सरपंचों ने अपनी कुर्सी संभाल ली… और फंड ने गहरी नींद। 15वें वित्त आयोग की राशि इतनी देर से आ रही है कि पंचायतें अब इसे दूर के रिश्तेदार की तरह याद कर रही हैं—“आएंगे… कभी न कभी…!”
ग्राम पंचायतों में विकास कार्य ऐसा ठप पड़ा है जैसे किसी ने ‘पॉज़’ बटन दबा दिया हो। नाली निर्माण रुका है, पेयजल के लिए तरस रहे हैं, स्ट्रीट लाइटें ऐसी बुझी हैं जैसे गांव में “दीपावली के उलटे नियम” लागू हो गए हों।
गांव वाले पूछ रहे हैं—“काम क्यों नहीं हो रहा?”
सरपंच बेचारे नीचे नज़र करके वही पुराना जवाब दोहरा रहे हैं—“फंड नहीं आया आन्टी…”

सरपंच—कुर्सी मिली, पर ताकत नहीं
नवनिर्वाचित सरपंचों का कहना है कि वे सिर्फ “नाममात्र के सरपंच” बनकर रह गए हैं। हालात ऐसे हैं कि कुछ सरपंच तो कर्ज लेकर गांव के छोटे-मोटे काम करवा रहे हैं। इन्हें अब डर लगने लगा है कि कहीं गांव वाले कह न दें—
“सरपंच जी, आपका कार्यकाल तो देख लिया… अब आपकी किश्त कौन भरेगा?”
ग्राम विकास की रफ्तार—घोंघा भी पीछे छोड़ दे
गांव की मूलभूत सुविधाएं ऐसी लड़खड़ा गई हैं कि लोग अब मज़ाक में कहने लगे हैं—
“हमारे विकास कार्य इतने ठप हैं कि अगर उनका फोटो लिया जाए तो लगेगा टाइम-लैप्स वीडियो प्ले ही नहीं हुआ।”
सरपंचों का दर्द—मात्रा के साथ व्यंग्य
डूमाघाट के सरपंच यशवंत सोरी का बयान तो खूब वायरल हो रहा है—
“सरकार कहती है सबका साथ, सबका विकास… लेकिन गांव में विकास ऐसे पड़ा है जैसे वो सबका नहीं, किसी का भी नहीं!”

मैनपुर सरपंच संघ की बैठक—आशा बनाम वास्तविकता
सरपंच संघ के अध्यक्ष हलमन ध्रुव ने बताया कि चुनाव को 9 महीने बीत गए, पर राशि अभी भी ‘रास्ता पूछते’ हुए कहीं भटक रही है। सरपंच अब शासन से फिर अपील करेंगे कि
“भैया, कम से कम राशि का लोकेशन ही बता दो… ट्रैकिंग आईडी ही दे दो!”
सरपंच संघ की बैठक है, जहां वे मांग करेंगे कि फंड जल्द जारी हो। अब गांव वाले इंतज़ार में हैं, सरपंच परेशान हैं, और 15वें वित्त आयोग की राशि… वह तो अभी भी ‘अज्ञातवास’ में है।
कुल मिलाकर, गरियाबंद की पंचायतों में विकास का ग्राफ नहीं गिरा है—वह तो बस सीधे जमीन में घुस गया है।

Satyanarayan Vishwakarma serves as the Chief Editor of Samwad Express, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments

















