प्रमोद कुमार सोनवानी
गौरेला पेंड्रा मरवाही। मरवाही विकासखंड के धरहर गांव में स्थित आस्था का प्रमुख केंद्र लच्छी ग्वालिन दाई इन दिनों पूरी तरह भक्तिरस में डूबा हुआ है। यहां 15 जनवरी से अखंड नवधा रामायण का भव्य आयोजन प्रारंभ हुआ है, जिसका समापन 23 जनवरी को होगा। इस धार्मिक आयोजन के चलते पूरे गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में आध्यात्मिक और भक्तिमय वातावरण निर्मित हो गया है।
अखंड नवधा रामायण के आयोजन में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के चरित्र का नवधा भक्ति के माध्यम से गुणगान किया जा रहा है। प्रतिदिन सुबह से देर रात तक विभिन्न मानस मंडलियों द्वारा रामायण पाठ, प्रवचन एवं सुमधुर भजनों की प्रस्तुति दी जा रही है। आसपास के अनेक गांवों से आई मंडलियों ने अपनी कला और भक्ति भाव से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया है।

आयोजन में भाग लेने के लिए दूर-दराज क्षेत्रों से भी मानस गायन मंडलियां धरहर गांव पहुंच रही हैं। उनके लिए ग्रामवासियों द्वारा लगातार नौ दिनों तक भोजन-भंडारे की उत्तम व्यवस्था की गई है, जो ग्रामीणों की सेवा भावना और आपसी सहयोग का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत करती है।
ग्रामवासियों ने बताया कि यह अखंड नवधा रामायण आयोजन विगत 22 वर्षों से निरंतर किया जा रहा है। प्रत्येक वर्ष इस आयोजन को लेकर लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिलता है। नवधा रामायण के माध्यम से लोगों को धर्म, भक्ति और संस्कारों से जुड़ने का अवसर प्राप्त होता है।
गांव के वरिष्ठजनों का कहना है कि भाव और भक्ति से धर्म कमाने का यह अवसर वर्ष में एक बार ही आता है। जीवन क्षणभंगुर है, कब कौन साथ रहे या न रहे, इसका कोई ठिकाना नहीं। जब तक यह शरीर है, तब तक प्रभु भक्ति में लगने का यही श्रेष्ठ समय है। इस आयोजन में सहभागी बनना हम सभी का सौभाग्य है।

अखंड रामायण के चलते पूरे गांव में धार्मिक उल्लास का माहौल है। घर-घर में राम नाम की गूंज सुनाई दे रही है और वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया है। श्रद्धालुओं की निरंतर उपस्थिति से आयोजन स्थल पर मेले जैसा दृश्य बना हुआ है।

उल्लेखनीय है कि लच्छी ग्वालिन दाई में हर वर्ष बसंत पंचमी के अवसर पर पारंपरिक मेले का आयोजन भी किया जाता है, जिसमें आसपास के गांवों से व्यापारी एवं ग्रामीण बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। यह मेला क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान का अहम हिस्सा माना जाता है।
अखंड नवधा रामायण के इस आयोजन ने न केवल धरहर गांव को, बल्कि पूरे क्षेत्र को भक्ति और आध्यात्मिक चेतना से सराबोर कर दिया है।



