गरियाबंद। आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित कोदोबतर के किसानों ने धान उपार्जन केंद्र की मांग को लेकर अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। किसानों ने जिला प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि वर्तमान उपार्जन सत्र में कोदोबतर में नया केंद्र नहीं खोला गया, तो वे 12 नवंबर (मंगलवार) को राष्ट्रीय राजमार्ग NH-130C पंटोरा के पास उग्र प्रदर्शन और चक्काजाम करेंगे।
किसानों ने बताया कि शासन द्वारा वर्षों पूर्व सोहागपुर समिति से पृथक कर कोदोबतर समिति का गठन किया गया था, लेकिन आज तक न तो कार्यालय शुरू हुआ और न ही धान उपार्जन केंद्र। इस वजह से कोदोबतर क्षेत्र के 14 ग्रामों के सैकड़ों किसानों को हर साल धान बेचने के लिए सोहागपुर केंद्र जाना पड़ता है।

किसानों का कहना है कि सोहागपुर केंद्र में पहले से ही जगह की भारी कमी है, जहां हर साल करीब 95,000 क्विंटल से अधिक धान की खरीदी होती है। जगह कम होने के कारण उपार्जन कार्य कई बार बीच में रोकना पड़ता है, जिससे किसानों को तौलाने में देरी, आर्थिक नुकसान और परिवहन पर अतिरिक्त खर्च झेलना पड़ता है।
किसानों ने बताया कि वे इस मांग को लेकर कई बार प्रशासन को ज्ञापन सौंप चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इस बार उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि यदि कोदोबतर में नया केंद्र नहीं खुला, तो आंदोलन लगातार जारी रहेगा।
मंगलवार को किसानों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर चक्काजाम की आधिकारिक जानकारी दी। ज्ञापन सौंपने वालों में जनपद सदस्य भीम निषाद, ग्राम पंचायत बारूका की सरपंच गैंदी बाई कंवर, ग्राम पंचायत घुटाकुनावापारा की सरपंच हीरा बाई ध्रुव, ग्राम पंचायत कोदोबतर की सरपंच व सरपंच संघ के पूर्व अध्यक्ष मनीष ध्रुव सहित बड़ी संख्या में किसान शामिल थे।
जनपद सदस्य भीम निषाद ने कहा कि कई वर्षों से किसान इस मांग को दोहरा रहे हैं, पर प्रशासन मौन है। यदि इस सत्र में कोदोबतर में उपार्जन केंद्र नहीं खोला गया, तो किसान अब शांत नहीं बैठेंगे।

Satyanarayan Vishwakarma serves as the Chief Editor of Samwad Express, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments

















