(संवाद एक्सप्रेस)गरियाबंद। थाना शोभा के जंगलों में सोमवार की शाम नक्सलियों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि फायरिंग करना आसान है, सामना करना मुश्किल।
जिला मुख्यालय से करीब 65 किलोमीटर दूर, जहां मोबाइल नेटवर्क भी सोचकर चलता है, वहीं नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर घात लगाकर हमला करने की कोशिश की। सामने थे ई-30 जिला पुलिस, 207 कोबरा और 65 व 211 बटालियन सीआरपीएफ—यानि जंगल में आज ‘अभियान’ तय था, बहादुरी नहीं।
शुरुआत में नक्सलियों ने अंधाधुंध गोलियां चलाईं, शायद यह सोचकर कि डर पैदा हो जाएगा।
लेकिन जैसे ही सुरक्षाबलों ने जवाब देना शुरू किया, वैसे ही माओवादियों की रणनीति अपडेट हो गई—

गोली नहीं, जंगल बचाओ।
नतीजा यह हुआ कि नक्सली अपने राशन, बर्तन और रोज़मर्रा का पूरा इंतज़ाम वहीं छोड़कर घने जंगल और पहाड़ियों की ओट में ऐसे गायब हुए, मानो जंगल की जमीन निगल गई हो।
मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों ने जब इलाके की तलाशी ली, तो हथियार नहीं मिले, लेकिन नक्सलियों की जंगल लाइफ स्टाइल किट ज़रूर हाथ लग गई, जिसे मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।
फिलहाल इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है और जंगल अब सुरक्षाबलों की पकड़ में है।
उधर गरियाबंद पुलिस ने नक्सलियों को दो टूक संदेश दे दिया है—
“जंगल में भागते रहोगे या सम्मान के साथ लौटोगे—फैसला तुम्हारा।”
📞 आत्मसमर्पण हेतु संपर्क करें:
नक्सल सेल गरियाबंद – 94792-27805

Satyanarayan Vishwakarma serves as the Chief Editor of Samwad Express, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments



