(संवाद एक्सप्रेस)गरियाबंद। वन्यजीव संरक्षण के लिए संवेदनशील माने जाने वाले उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में जंगली सुअर के अवैध शिकार के मामले में वन विभाग को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पी.ओ.आर. क्रमांक 51/09 दिनांक 15 जनवरी 2026 के तहत दर्ज प्रकरण में कार्रवाई करते हुए उड़ीसा राज्य के तीन फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
वन परिक्षेत्र दक्षिण उदंती की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर 10 फरवरी 2026 को योजनाबद्ध तरीके से दबिश देकर आरोपियों को पकड़ा। जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि आरोपियों ने जंगली सुअर के शिकार में दो भरमार बंदूकों का उपयोग किया था, जिन्हें अलग-अलग कार्रवाई में जब्त किया गया है।
पहले भी जब्त हो चुकी थी एक भरमार बंदूक
मुख्य आरोपी गुप्ताराम (42 वर्ष, ग्राम टांगापानी) के कब्जे से 20 जनवरी 2026 को एक भरमार बंदूक बरामद की जा चुकी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने अन्य संदिग्धों की तलाश तेज की।
आरोपी चैनुराम (50 वर्ष, ग्राम मेटपारा, उड़ीसा) के घर की तलाशी वन परिक्षेत्र रायगढ़ (उड़ीसा) एवं उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व की संयुक्त टीम द्वारा सर्च वारंट के आधार पर ली गई। इस संयुक्त कार्रवाई के दौरान एक और भरमार बंदूक बरामद की गई।
वन विभाग के अनुसार, आरोपियों ने संरक्षित क्षेत्र में घुसकर योजनाबद्ध तरीके से जंगली सुअर का शिकार किया था, जो वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 के तहत गंभीर अपराध है।
इन धाराओं के तहत हुई कार्रवाई
विवेचना अधिकारी वनपाल धर्मेंद्र सिंह सोनवानी द्वारा आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की धारा 9, 27, 29, 31, 34(3), 50 एवं 51 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं—
चैनुराम (50 वर्ष, ग्राम मेटपारा)
दामू (58 वर्ष, ग्राम टीमनपुर)
सबसिंह (41 वर्ष, ग्राम टीमनपुर पोस्ट गोना, जिला नवरंगपुर, उड़ीसा)
तीनों आरोपियों को 12 फरवरी 2026 को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गरियाबंद के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जिला जेल गरियाबंद भेज दिया गया है।
संयुक्त टीम की अहम भूमिका
इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में गरियाबंद पुलिस के साइबर सेल प्रभारी श्री सतीश यादव, नोडल एंटी पोचिंग टीम के श्री गोपाल कश्यप, दक्षिण उदंती के परिक्षेत्र अधिकारी श्री चन्द्रबली ध्रुव सहित वन विभाग के कई अधिकारियों और कर्मचारियों की सक्रिय भूमिका रही।
वन विभाग की मानें तो अंतरराज्यीय स्तर पर अवैध शिकार की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष रणनीति अपनाई जा रही है। उड़ीसा और छत्तीसगढ़ की संयुक्त कार्रवाई इस बात का संकेत है कि वन्यजीव अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया गया है।
टाइगर रिजर्व में सख्ती बढ़ी
उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व जैव विविधता और वन्यजीवों की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र है। यहां बाघ, भालू, तेंदुआ और जंगली सुअर समेत कई संरक्षित प्रजातियां पाई जाती हैं। ऐसे में अवैध शिकार की घटनाएं वन्यजीव संरक्षण के लिए गंभीर चुनौती बनती हैं।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि संरक्षित क्षेत्र में अवैध प्रवेश और शिकार करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही स्थानीय स्तर पर जागरूकता अभियान चलाकर ग्रामीणों को वन्यजीव संरक्षण के महत्व के बारे में समझाया जा रहा है।
सख्त संदेश
इस गिरफ्तारी के बाद वन विभाग ने साफ कर दिया है कि टाइगर रिजर्व क्षेत्र में अवैध शिकार या हथियारों के साथ प्रवेश करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। अंतरराज्यीय समन्वय और तकनीकी निगरानी के जरिए ऐसे मामलों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
वन विभाग की इस कार्रवाई से न सिर्फ शिकारियों में हड़कंप मचा है, बल्कि वन्यजीव संरक्षण के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता भी स्पष्ट हुई है।

Satyanarayan Vishwakarma serves as the Chief Editor of Samwad Express, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments







