(संवाद एक्सप्रेस)गरियाबंद। थाना मैनपुर क्षेत्र के दुड़ईपानी पहाड़ों में नक्सलियों ने विकास का ऐसा “विस्फोटक पैकेज” तैयार कर रखा था, जिसे खोलते ही शांति के परखच्चे उड़ने वाले थे। लेकिन किस्मत देखिए—पुलिस ने समय रहते कुरियर पकड़ लिया और पार्सल सील कर दिया।
विशेष अभियान के दौरान पुलिस को पहाड़ों में छिपे ऐसे “घरेलू उद्योग” का पता चला, जहां आईईडी, मोर्टार, भरमार बंदूक और डेटोनेटर ऐसे करीने से सजे थे मानो किसी प्रदर्शनी में रखे हों। लगता है नक्सली भी अब “स्टार्टअप इंडिया” से प्रेरित होकर विस्फोटक निर्माण में आत्मनिर्भर बनना चाहते थे—बस बाजार और लाइसेंस की कमी रह गई।

ई-30, एसटीएफ, कोबरा और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने जंगल की हरियाली के बीच छिपे इस ‘शांतिविरोधी कलेक्शन’ को बरामद कर लिया। मोर्टार सेल, डेटोनेटर और तीर-बम देखकर साफ था कि “दो बूंद हर बार” नहीं, बल्कि “एक धमाका काफी था” का मंत्र अपनाया जा रहा था।
पुलिस की इस कार्रवाई से नक्सलियों का सपना अधूरा रह गया। जो विस्फोट पहाड़ों में गूंजना था, वह अब कागजों में दर्ज हो गया है।
जंगल ने चैन की सांस ली है और पहाड़ों ने राहत की—क्योंकि इस बार धमाका नहीं, दस्तावेज बना है।

Satyanarayan Vishwakarma serves as the Chief Editor of Samwad Express, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments



