देवभोग। धान सीजन शुरू होते ही गरियाबंद बॉर्डर पर मानो “धान परिवहन महोत्सव–2025” का उद्घाटन हो गया था। उड़ीसा से आने वाले बोलेरो पिकअप ऐसे दौड़ रहे थे जैसे धान नहीं, ओलंपिक की मशाल लेकर जा रहे हों। लेकिन इस बार पुलिस ने निर्णायक भूमिका निभाते हुए धान माफिया के सपनों को ऐसी ब्रेक मारी कि वाहन तो रुका ही, साथ में ‘कागजात-विहीन कारोबार’ भी बैठ गया।
68 कट्टा धान लेकर दौड़ रही एक बोलेरो (सीजी 23 एल 2164) को पुलिस ने धर-दबोचा।

वाहन वालों से जब कागज़ पूछा गया तो वे वैसे ही चुप हो गए जैसे बोर्ड परीक्षा में ‘आउट ऑफ सिलेबस’ प्रश्न आ जाए।
पुलिस का कहना है कि वह पिछले 15 दिनों से “ऑपरेशन कट्टा कंट्रोल” चला रही है। परिणाम देखिए—
12 वाहनों में भरा कुल 652 कट्टा अवैध धान जब्त!
धान कारोबारी इस सफलता से इतने दुखी हैं कि अगली बार शायद वाहन के बजाय उबर या ओला से धान भेजने पर विचार करें।
वाहन भी शानदार लाइनअप में पकड़े गए:

ऐसा लग रहा था मानो बोलेरो पिकअप संघ ने जुलूस निकाला हो—
सीजी-04, सीजी-23, ओडी-24, ओआर-21… आधा देश की पंजीयन संख्या तो पुलिस की डायरी में ही आ गई।
कुछ वाहन तो इतने नियमित पकड़े जा रहे हैं कि पुलिस अब उन्हें नाम से पहचानने लगी है—
“अरे वही आ गया, सीजी-04 पीएम 4713… आज फिर धान लेकर?”
पुलिस का दावा है कि सभी वाहनों से जब वैध कागज़ की मांग की गई तो चालकों ने उतना ही कागज़ दिखाया जितना सरकारी कार्यालय में टेबल पर होता है— शून्य।
प्रशासन ने सारी खेप संबंधित विभाग को सौंप दी है, ताकि वहाँ यह धान तय कर सके कि इसे गोदाम में रखना है या अपनी किस्मत पर रोना।

Satyanarayan Vishwakarma serves as the Chief Editor of Samwad Express, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments

















