गरियाबंद/देवभोग। वन विभाग ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वो सिर्फ पेड़-पौधों की नहीं, बल्कि कच्चे और पक्के—दोनों तरह के मामलों पर कड़ी नज़र रखता है। 13 नवम्बर की रात एक ऐसी तस्करी पकड़ी गई, जिसे सुनकर खुद जंगली सूअर भी हैरान हैं—“कच्चा मांस? कम से कम मसाला तो लगा लेते!”
स्कूटी पर ‘मांस एक्सप्रेस’ चलाने वाला तस्कर धराया
एनएच-130सी पर जंगल की शांति भंग करते हुए तेज रफ्तार से आ रही स्कूटी जुपिटर CG 23 FF 2804 को जब वन अमले ने रोका, तो वाहन चेकिंग में 3.120 किलो कच्चा जंगली सूअर का मांस बरामद हुआ।

आरोपी खमासीह उर्फ परमानंद मांझी मानो सोच रहा था—“अरे! ये लोग भी कभी सोते नहीं क्या?”
वन विभाग ने बोला—जीरो टॉलरेंस, चाहे मांस कैसा भी हो
वन परिक्षेत्र अधिकारी अश्विनी दास मुरचूलिया ने सख्ती से कहा—
“वन्यप्राणियों की तस्करी पर हमारी नीति जीरो टॉलरेंस है!”
(सूत्रों के मुताबिक, पास खड़े एक फॉरेस्ट गार्ड ने धीमे से कहा—“खासकर जब मांस कच्चा हो।”)

मांस, स्कूटी दोनों जब्त—आरोपी का गया ‘कच्चा-पक्का’ हिसाब
तुरंत पी.ओ.आर. दर्ज कर मांस, स्कूटी, और आरोपी तीनों को सुरक्षित कब्जे में लिया गया।
14 नवम्बर को आरोपी की कोर्ट में पेशी हुई, जहां उसे जेल भेज दिया गया। बताते हैं, जेल जाते वक्त उसने स्कूटी से कहा—“तू बचके रहना… वन विभाग की नज़र बहुत तेज़ है!”
वन अमले की टीम भी तैयार—‘मांस-माफिया’ को नहीं छोड़ेंगे
कार्रवाई में शामिल टीम ने इतनी तेजी से ऑपरेशन किया कि आसपास के दुकानों के फ्रिज भी शरमा जाएँ।
इस शानदार पकड़ में शामिल रहे—
अश्विनी दास मुरचूलिया, फिरोज़ ख़ान, लक्ष्मी श्रीवास्तव, क्षेत्रमोहन, भूपेंद्र साहू, लम्बोदर सोरी, के.एल. नायक, शशिभूषण बीसी, रुद्रास नागेश और पूरा वन अमला।

Satyanarayan Vishwakarma serves as the Chief Editor of Samwad Express, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments

















