(संवाद एक्सप्रेस) कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत रामपुर आईटीआई बस्ती में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले एक छात्र ने अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की खबर फैलते ही पूरे इलाके में शोक और स्तब्धता का माहौल बन गया।
मृतक की पहचान 17 वर्षीय उज्जवल डनसेना उर्फ ध्रुव के रूप में हुई है, जो एसईसीएल डीएवी पब्लिक स्कूल का छात्र था और इस वर्ष बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहा था। परिजनों के अनुसार वह पढ़ाई में सामान्य रूप से सक्रिय था और हाल के दिनों में किसी बड़े तनाव की जानकारी परिवार को नहीं थी।
कमरे में पंखे से लटका मिला शव
प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना उस समय सामने आई जब परिवार के सदस्य घर के भीतर पहुंचे और कमरे का दरवाजा अंदर से बंद पाया। काफी आवाज देने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर दरवाजा खोला गया, जहां छात्र पंखे से फांसी के फंदे पर लटका मिला। परिजनों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए।
तुरंत पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद सिविल लाइन थाना पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और शव को नीचे उतरवाकर पंचनामा कार्रवाई शुरू की।
सुसाइड नोट ने बढ़ाई जांच की दिशा
मामले में कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि घटनास्थल से अंग्रेजी भाषा में लिखा एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि छात्र ने अपनी मृत्यु के बाद शरीर को मेडिकल कॉलेज को दान किए जाने की इच्छा व्यक्त की थी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार सुसाइड नोट की लिखावट और अन्य तथ्यों का परीक्षण किया जा रहा है। यह भी जांच की जा रही है कि छात्र किसी मानसिक दबाव, पढ़ाई के तनाव या अन्य व्यक्तिगत कारणों से परेशान तो नहीं था।
परिवार और मोहल्ले में मातम
घटना के बाद मृतक के घर पर लोगों की भीड़ जुट गई। पड़ोसियों ने बताया कि उज्जवल शांत स्वभाव का और मिलनसार छात्र था। उसकी अचानक मौत से सभी लोग स्तब्ध हैं। परिजन भी इस घटना से गहरे सदमे में हैं और किसी प्रकार की स्पष्ट वजह सामने नहीं आ पा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बोर्ड परीक्षाओं का समय नजदीक होने के कारण छात्रों पर मानसिक दबाव बढ़ जाता है, जिसे लेकर अभिभावकों और शिक्षकों को विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
पुलिस हर पहलू से कर रही जांच
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मोबाइल फोन, कॉपी-किताब और अन्य निजी सामान भी जांच के दायरे में लिया गया है ताकि आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह सामने आ सके। अधिकारियों का कहना है कि परिजनों और दोस्तों से पूछताछ की जा रही है।
बढ़ती छात्र आत्महत्या की घटनाएं चिंता का विषय
विशेषज्ञों का मानना है कि किशोरावस्था में भावनात्मक उतार-चढ़ाव, परीक्षा का दबाव, सोशल मीडिया प्रभाव और भविष्य को लेकर चिंता कई बार बच्चों को मानसिक रूप से कमजोर कर देती है। ऐसे मामलों में परिवार, स्कूल और समाज की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।
संवेदनशील अपील
यदि कोई छात्र या व्यक्ति मानसिक तनाव, अवसाद या निराशा महसूस कर रहा हो, तो उसे अकेले संघर्ष करने के बजाय परिवार, मित्रों या विशेषज्ञों से बात करनी चाहिए। समय पर संवाद और सहायता कई अनहोनी घटनाओं को रोक सकती है।
फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट व तकनीकी जांच के बाद ही आत्महत्या के वास्तविक कारणों का खुलासा होने की संभावना है। पूरे क्षेत्र में इस दर्दनाक घटना को लेकर शोक की लहर है।

Satyanarayan Vishwakarma serves as the Chief Editor of Samwad Express, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments





















