(संवाद एक्सप्रेस) बारमते
आठ सौ पचास ग्राम वजन के नवजात को मिला नया जीवन पैंसठ दिनों की सतत चिकित्सा से बढ़ा वजन
रायगढ़,कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देशानुसार एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.अनिल कुमार जगत के कुशल मार्गदर्शन में जिले में सुदृढ़ स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं इसी क्रम में जिला मुख्यालय स्थित सौ बिस्तरीय मातृ एवं शिशु अस्पताल में एक अत्यंत कम वजन वाले प्रीमेच्योर शिशु का सफल उपचार कर चिकित्सा सेवा की एक उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की गई है

विकासखंड घरघोड़ा के ग्राम सामारूमा निवासी प्रमोद सिदार ने अपनी पत्नी को प्रसव पीड़ा के दौरान सौ बिस्तरीय मातृ एवं शिशु अस्पताल में भर्ती कराया था तीस अक्टूबर दो हजार पच्चीस को उनकी पत्नी श्रीमती निरमा बाई ने एक प्रीमेच्योर शिशु को जन्म दिया जिसका वजन मात्र आठ सौ पचास ग्राम था जन्म के समय शिशु की स्थिति अत्यंत नाजुक थी और तत्काल विशेष चिकित्सा देखरेख की आवश्यकता थी।
एसएनसीयू वार्ड में पैंसठ दिनों तक चला गहन उपचार
नवजात को तत्काल सौ बिस्तरीय मातृ एवं शिशु अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती किया गया जहाँ शिशु रोग विशेषज्ञ एवं अस्पताल अधीक्षक डॉ.अभिषेक अग्रवाल के नेतृत्व में चिकित्सकों एवं नर्सिंग स्टाफ की टीम द्वारा निरंतर निगरानी में उपचार किया गया। शिशु को पैंसठ़ दिनों तक गहन चिकित्सा कक्ष में रखकर विशेष देखभाल प्रदान की गई निरंतर उपचार आधुनिक चिकित्सकीय संसाधनों और विशेषज्ञों की सतत निगरानी के परिणाम स्वरूप शिशु के वजन में क्रमशः वृद्धि हुई और वह पूर्णतः स्वस्थ हो गया आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षणों के बाद शिशु को सुरक्षित रूप से उसके माता-पिता को सुपुर्द किया गया इस सफल उपचार में सिविल सर्जन डॉ. दिनेश पटेल,शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ.अभिषेक अग्रवाल,डॉ. मिंज,डॉ.दास,डॉ.नवीन सहित नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टाफ का सराहनीय योगदान रहा चिकित्सकीय टीम की संवेदनशीलता, धैर्य और समर्पण से यह सफलता संभव हो सकी।

















