(संवाद एक्सप्रेस)गरियाबंद। विकासखंड गरियाबंद के दूरस्थ और वनांचल क्षेत्र में स्थित ग्राम देवपरसुली ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। शासकीय प्राथमिक शाला देवपरसुली की छात्रा कु. देविका ने कड़ी मेहनत और लगन के दम पर प्रतिष्ठित जवाहर नवोदय विद्यालय में अपना स्थान सुनिश्चित कर गांव, स्कूल और पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
देविका की इस उपलब्धि से पूरे गांव में उत्साह और गर्व का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि सीमित संसाधनों के बावजूद यदि बच्चों को सही मार्गदर्शन और शिक्षा मिले, तो वे किसी भी मुकाम को हासिल कर सकते हैं। देविका ने यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि गांवों की मिट्टी में भी हुनर की कोई कमी नहीं है।
विद्यालय की उपलब्धियों का लगातार बढ़ता ग्राफ
शासकीय प्राथमिक शाला देवपरसुली लगातार बेहतर शैक्षणिक परिणामों के लिए जानी जा रही है। यहां से हर वर्ष छात्र-छात्राएं विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर रहे हैं। पिछले वर्ष भी इस विद्यालय से एक छात्रा का चयन नवोदय विद्यालय में तथा एक छात्र का चयन एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में हुआ था। इस वर्ष देविका के चयन ने इस परंपरा को आगे बढ़ाया है।
विद्यालय के प्रधान पाठक गोपाल राम यादव ने बताया कि बच्चों को प्रारंभिक स्तर से ही प्रतियोगी परीक्षाओं के अनुरूप तैयार किया जाता है। शिक्षकों की टीम बच्चों की क्षमता को पहचानकर उन्हें निरंतर मार्गदर्शन देती है, जिसका परिणाम आज सामने है।
शिक्षकों की मेहनत लाई रंग
इस सफलता के पीछे विद्यालय के शिक्षकों का विशेष योगदान रहा है। शिक्षक फत्ते लाल नेताम सहित समस्त स्टाफ ने देविका को निरंतर पढ़ाई के लिए प्रेरित किया और परीक्षा की तैयारी में हर संभव सहयोग दिया। संकुल केंद्र पीपरछेड़ी के समन्वयक कृष्ण कुमार बया ने भी इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह पूरे संकुल के लिए गर्व का विषय है।
गांव में जश्न जैसा माहौल
देविका के चयन की खबर मिलते ही गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने एक-दूसरे को बधाई दी और छात्रा के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। ग्राम के वरिष्ठजनों चुनूराम, दयालू राम, नारायण सिंह, यशवंत कुमार, दशरथ नेटी, जोहित राम, पुनिया बाई सहित समस्त ग्रामवासियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि देविका की सफलता अन्य बच्चों के लिए प्रेरणा बनेगी।
बेटी ने बढ़ाया सम्मान, शिक्षा के प्रति बढ़ा विश्वास
देविका की इस सफलता ने यह संदेश दिया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी शिक्षा के प्रति जागरूकता तेजी से बढ़ रही है। बेटियों की शिक्षा को लेकर भी अब सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। देविका ने न केवल अपने परिवार का, बल्कि पूरे गांव का मान बढ़ाया है।
भविष्य के लिए प्रेरणा
देविका की इस उपलब्धि से क्षेत्र के अन्य बच्चों में भी प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति रुचि बढ़ेगी। अभिभावकों का विश्वास भी मजबूत हुआ है कि सरकारी स्कूलों में पढ़कर भी बच्चे बड़े संस्थानों में चयनित हो सकते हैं।
निश्चित रूप से, देविका की यह सफलता आने वाले समय में और भी बच्चों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी और देवपरसुली गांव शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छूता रहेगा।

Satyanarayan Vishwakarma serves as the Chief Editor of Samwad Express, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments

















