गरियाबंद। जिले के छुरा विकासखंड के ग्राम राजपुर स्थित प्राथमिक शाला इन दिनों गंभीर समस्या से जूझ रही है। विद्यालय में लंबे समय से शिक्षकों की भारी कमी है। इसी समस्या को लेकर नाराज ग्रामीणों और पालकों ने बीते 11 दिनों से स्कूल में तालाबंदी कर दी है। विद्यालय में लगभग 35 से 40 बच्चे पढ़ते हैं, लेकिन उनकी पढ़ाई एक मात्र शिक्षक के भरोसे टिकी हुई है।
स्थिति यह है कि जब यह एकमात्र शिक्षक विकासखंड कार्यालय की बैठक में जाते हैं या किसी निजी कारण से अनुपस्थित रहते हैं, तो पूरे विद्यालय के दरवाजे बंद हो जाते हैं और बच्चे बिना पढ़ाई के घर लौट जाते हैं। इससे बच्चों की शिक्षा पूरी तरह प्रभावित हो रही है और पालकों में गहरी नाराज़गी देखी जा रही है।

ग्रामीणों ने जिलाधीश से लगाई गुहार
आज राजपुर गांव के ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल जिला मुख्यालय पहुंचा और जिलाधीश से मुलाकात कर समस्या से अवगत कराया। ग्रामीणों ने साफ शब्दों में कहा कि बच्चों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है, और तत्काल अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति होनी चाहिए।
जिलाधीश ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और जल्द से जल्द समाधान का आश्वासन दिया। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि यदि समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
ग्रामीणों की नाराजगी – बच्चों का भविष्य अंधकार में
ग्रामीणों का कहना है कि शासन-प्रशासन शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के दावे तो करता है, लेकिन जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग है। गांव में इतने बच्चे पढ़ाई करने को उत्सुक हैं, लेकिन केवल एक शिक्षक के भरोसे विद्यालय चलाना न केवल अव्यवहारिक है, बल्कि बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ भी है।

नीलकंठ ठाकुर, अध्यक्ष, कर आदिवासी समाज गरियाबंद
“गांव में बच्चे पढ़ाई के लिए तैयार हैं, लेकिन शिक्षक नहीं हैं। मजबूरी में हमें तालाबंदी करनी पड़ी। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो हम आंदोलन करेंगे।”
चंदन यादव, पदाधिकारी, आप पार्टी, छुरा
“शिक्षक की कमी से बच्चों का भविष्य अंधकार में है। शासन-प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए, अन्यथा हम लोग मजबूर होकर सड़क पर उतरेंगे।”
निष्कर्ष
राजपुर प्राथमिक शाला का मामला जिले में शिक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत बयां कर रहा है। बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए ग्रामीणों का संघर्ष जारी है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन अपने वादे के अनुरूप कितनी जल्दी इस समस्या का स्थायी समाधान करता है।

Satyanarayan Vishwakarma serves as the Chief Editor of Samwad Express, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments

















