मैनपुर। मैनपुर ब्लॉक के राजापड़ाव क्षेत्र अंतर्गत जरहीडीह नाला एक बार फिर से ग्रामीणों के लिए मुसीबत का सबब बन गया है। तीज पर्व के दिन अचानक आई बाढ़ ने दर्जनों लोगों की जिंदगी खतरे में डाल दी। महिलाएं जहां त्योहार के अवसर पर पूजा-अर्चना के बाद आसपास घूमने निकली थीं, वहीं कई बच्चे कॉलेज जाने और ग्रामीण अपने जरूरी कामों के लिए ब्लॉक मुख्यालय की ओर रवाना हुए थे। इसी दौरान नाले में अचानक पानी का बहाव तेज हो गया, जिससे लोग बीच में ही फंस गए और घंटों तक असहाय स्थिति में जूझते रहे।
फंसे हुए लोगों में प्रतिमा नेताम, कमल नेताम, चंद्रहास नेताम, दीपक कुमार, संतोष डोंगरे, जीवन मरकाम, अरुण मरकाम समेत कई ग्रामीण शामिल थे। ग्रामीणों का कहना है कि यह स्थिति हर साल बनती है और उन्हें अपनी जान जोखिम में डालकर गुजरना पड़ता है।

हर साल दोहराई जाती है परेशानी
ग्रामीणों ने बताया कि बरसात शुरू होते ही जरहीडीह नाला उफान पर आ जाता है और लोग दोनों ओर घंटों तक फंसे रहते हैं। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है, मरीजों को अस्पताल ले जाना मुश्किल हो जाता है और दैनिक कामकाज भी ठप पड़ जाते हैं। तीज जैसे पर्व पर जब महिलाएं पूजा-अर्चना कर अपने मायके और आसपास के गांवों में जाती हैं, तब यह समस्या और गंभीर हो जाती है।
स्वीकृति के बाद भी अधर में लटका पुल निर्माण
ग्रामीणों ने प्रशासन की लापरवाही पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि लंबे संघर्ष और लगातार आवाज उठाने के बाद इस नाले पर पुल निर्माण के लिए ₹2 करोड़ 26 लाख की राशि स्वीकृत की गई थी। मई माह में ही अंबिकापुर के ठेकेदार श्रवण गुप्ता को कार्य आदेश जारी हो चुका है। इसके बावजूद आज तक काम शुरू नहीं हुआ है।
स्थानीय लोगों ने कहा कि हर साल यह नाला उनकी जान जोखिम में डालता है, लेकिन शासन-प्रशासन और ठेकेदार की लापरवाही के चलते समस्या जस की तस बनी हुई है।
ग्रामीणों का बढ़ता आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी
क्षेत्रवासियों का कहना है कि अब उनका सब्र टूट चुका है। यदि जल्द ही पुल निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया तो वे मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि समस्या से न केवल आम लोग प्रभावित होते हैं बल्कि किसानों की फसल, बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य सेवाएं भी बुरी तरह प्रभावित होती हैं।
ग्रामीणों का सवाल है कि जब शासन ने बजट स्वीकृत कर दिया और ठेकेदार को आदेश भी मिल चुका है, तो फिर काम क्यों ठप पड़ा है? आखिर कब तक ग्रामीणों को अपनी जान हथेली पर रखकर नाले को पार करना पड़ेगा?
प्रशासन से त्वरित हस्तक्षेप की मांग
ग्रामीण संगठनों ने प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप कर पुल निर्माण कार्य को शुरू करवाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस बार भी बरसात खत्म हो गई और काम शुरू नहीं हुआ, तो वे ब्लॉक और जिला मुख्यालय में बड़ा प्रदर्शन करेंगे।

Satyanarayan Vishwakarma serves as the Chief Editor of Samwad Express, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments

















