(संवाद एक्सप्रेस)गरियाबंद। मैनपुर क्षेत्र में चल रहा सुशासन तिहार अब सुशासन से ज्यादा “सहनशासन तिहार” बनता नजर आ रहा है। जहां एक तरफ सरकार जनता और जनप्रतिनिधियों की समस्याएं सुनने निकली थी, वहीं दूसरी तरफ जनप्रतिनिधि खुद अपनी समस्या लेकर कलेक्टर दफ्तर की चौखट तक पहुंच गए।

सरपंच संघ का आरोप है कि कार्यक्रम में भोजन की व्यवस्था उन्होंने कराई, लेकिन खाने की बारी आई तो उन्हें ही VIP व्यवस्था का पाठ पढ़ा दिया गया। कथित तौर पर संदेश साफ था — “भोजन आपका, लेकिन सीट हमारी!” बताया गया कि “SDM साहब खाना खाएंगे” कहकर सरपंचों को भोजन स्थल से उठाया गया। अब सवाल यह उठ रहा है कि सुशासन तिहार में सम्मान परोसा जा रहा था या प्रोटोकॉल की थाली?

मामला बढ़ा तो तहसीलदार गेंद लाल साहू ने मंच से सफाई दी कि पहचान नहीं होने के कारण यह गलती हुई। यानी सरकारी कार्यक्रमों में अब नई चुनौती यह है कि पहले पहचान पत्र दिखाओ, फिर सम्मान पाओ।
उधर किसान भी पीछे नहीं रहे। पटवारी हल्का नंबर 17 के खिलाफ किसानों ने शिकायतों का पुलिंदा खोल दिया। आरोप है कि पटवारी समय पर नहीं मिलते और हर काम के लिए एक नया “अगले सप्ताह आइए” पैकेज उपलब्ध है। किसानों का कहना है कि खेत की फसल तो समय पर तैयार हो जाती है, लेकिन सरकारी फाइलों की फसल शायद मौसम देखकर उगती है।

क्षेत्र में हालात ऐसे बन गए हैं कि अब लोग पूछने लगे हैं — सुशासन तिहार चल रहा है या शिकायत महोत्सव? क्योंकि मंच पर तालियां कम और आवेदन ज्यादा नजर आने लगे हैं।

Satyanarayan Vishwakarma serves as the Chief Editor of Samwad Express, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments

















