(संवाद एक्सप्रेस)गरियाबंद। प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान के तहत जिले में रबी फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदी की शुरुआत शुक्रवार को हुई। सहकारी समिति में अन्नपूर्णा माता की पूजा-अर्चना के साथ सरसों खरीदी का शुभारंभ किया गया। अधिकारियों ने इसे किसानों की आय बढ़ाने और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
खरीदी शुभारंभ के दौरान सहायक आयुक्त सहकारिता माहेश्वरी तिवारी, सहायक संचालक कृषि कौशिक, डीएमओ गुलाब राठौर तथा भारतीय किसान संघ के जिला संयोजक अभिमन्यु ध्रुव और पारस देवांगन मौजूद रहे।

अधिकारियों ने बताया कि सरकार रबी सीजन में धान के स्थान पर चना, मसूर और सरसों जैसी वैकल्पिक फसलों की खेती को प्रोत्साहित कर रही है। इससे किसानों की आय में वृद्धि होने के साथ भूजल स्तर सुधारने में भी मदद मिलेगी। इन फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी से किसानों को उचित दाम मिलने के साथ बाजार की अनिश्चितता से भी राहत मिलेगी।
जिले में इस वर्ष चना और सरसों के लिए कुल 21 किसानों ने पंजीयन कराया था, लेकिन पहले वर्ष होने और पर्याप्त जागरूकता के अभाव में अधिकांश किसानों ने अपनी उपज निजी व्यापारियों को बेच दी। पहले दिन केवल दो किसानों ने 13.50 क्विंटल (करीब 15 क्विंटल) सरसों समर्थन मूल्य पर बेची। समिति द्वारा सरसों की खरीदी 6,200 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की गई।
भारतीय किसान संघ ने की किसानों से अपील
भारतीय किसान संघ के जिला संयोजक अभिमन्यु ध्रुव ने कहा कि किसान सरकार की समर्थन मूल्य खरीदी योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि यदि किसान पंजीयन कर अपनी उपज सीधे समिति में बेचेंगे तो उन्हें उचित मूल्य मिलेगा और भविष्य में जिले में चना, मसूर व सरसों की खेती तथा खरीदी दोनों का दायरा बढ़ेगा।

पारस देवांगन (भारतीय किसान संघ)
भारतीय किसान संघ के जिला प्रतिनिधि पारस देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान के तहत रबी फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी शुरू होना किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने और वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार का यह निर्णय सराहनीय है।उन्होंने कहा कि चना, मसूर और सरसों जैसी फसलों की एमएसपी पर खरीदी से किसानों की आय बढ़ेगी, फसल विविधीकरण को बढ़ावा मिलेगा और जल संरक्षण की दिशा में भी सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। पारस देवांगन ने जिले के किसानों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में पंजीयन कर अपनी उपज सहकारी समितियों के माध्यम से समर्थन मूल्य पर बेचें, ताकि शासन की इस योजना का पूरा लाभ उन्हें मिल सके।
खरीदी प्रक्रिया कृषि विभाग, सहकारिता विभाग, नेफेड और मार्कफेड के समन्वय से संपन्न कराई जा रही है। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि आगामी वर्षों में जिले में रबी फसलों का रकबा और समर्थन मूल्य पर खरीदी दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

Satyanarayan Vishwakarma serves as the Chief Editor of Samwad Express, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments

















