(संवाद एक्सप्रेस)देवभोग/गरियाबंद। लगता है उड़ीसा से आए दो तस्करों को यह गलतफहमी हो गई थी कि लाल रंग की Honda SP-125 पर 35 किलो गांजा लादकर वे आराम से छत्तीसगढ़ में एंट्री कर लेंगे। लेकिन देवभोग के खुटगांव अंतर्राज्यीय चेकपोस्ट पर गरियाबंद पुलिस ने उनके इस “स्मार्ट प्लान” पर ऐसा ब्रेक लगाया कि पूरी कहानी थाने पहुंच गई।
पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर के निर्देश पर जिलेभर में अवैध गांजा और शराब के खिलाफ लगातार चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के दौरान थाना देवभोग पुलिस ने संदिग्ध बाइक को रोककर तलाशी ली तो बोरे से 35 किलो गांजा निकल आया। अब बाइक की रफ्तार नहीं, बल्कि कानून की धाराएं आगे दौड़ने लगीं।

पकड़े गए दोनों आरोपी उड़ीसा के कालाहांडी जिले के रहने वाले हैं। पूछताछ में जब गांजा के वैध दस्तावेज मांगे गए तो जवाब ऐसा था, जैसे परीक्षा में बिना पढ़े छात्र कॉपी खाली छोड़ दे। नतीजा—सीधे एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(ख) के तहत मामला दर्ज हो गया।
पुलिस ने आरोपियों से 35 किलो गांजा (कीमत ₹17.50 लाख), लाल रंग की Honda SP-125 मोटरसाइकिल (₹70 हजार) और दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं। कुल जब्ती ₹18.26 लाख की बताई गई है।
तंज यही है कि तस्करों ने सोचा होगा कि बाइक छोटी है, इसलिए शक भी छोटा होगा। लेकिन देवभोग पुलिस ने बता दिया कि कानून की नजर में न बाइक का साइज मायने रखता है, न बहाना—सिर्फ अपराध दिखता है।

Satyanarayan Vishwakarma serves as the Chief Editor of Samwad Express, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments

















