(संवाद एक्सप्रेस)छुरा। गरियाबंद । मानसून की पहली तेज बारिश में बह गया कुसुमबुड़ा–सारागांव–उड़ीसा सीमा मार्ग का पुल अब लोगों की जान के लिए बड़ा खतरा बन गया है। गुरुवार रात इसी टूटे हुए पुल पर सुरक्षा व्यवस्था की कमी के कारण एक 21 वर्षीय युवक गहरी खाई में जा गिरा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद एक बार फिर विभागीय लापरवाही और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार मिथलेश कुमार (21 वर्ष), निवासी नावडिही बम्हनी, गुरुवार रात बम्हनी-कोसमी क्षेत्र की ओर से लौट रहा था। अंधेरा होने और पुल के टूटे हिस्से पर पर्याप्त चेतावनी संकेत या मजबूत बैरिकेडिंग नहीं होने के कारण वह सीधे पुल की गहरी खाई में जा गिरा। हादसे में उसके हाथ-पैर और सिर में गंभीर चोटें आईं तथा वह मौके पर ही बेहोश हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तत्काल राहत कार्य शुरू किया। ग्रामीणों की मदद से घायल युवक को 112 पुलिस वाहन के माध्यम से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छुरा पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार युवक की हालत पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

पहले ही जताई गई थी हादसे की आशंका
गौरतलब है कि पहली ही भारी बारिश में यह पुल बह गया था, जिससे सारागांव, चुरकीदादर, कोसमी, दुल्ला, नवापारा सहित उड़ीसा सीमा से लगे कई गांवों का संपर्क प्रभावित हो गया था। स्थानीय मीडिया और ग्रामीणों ने लगातार प्रशासन से पुल के दोनों ओर मजबूत बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेक्टर और रात्रिकालीन संकेतक लगाने की मांग की थी। साथ ही चेतावनी दी गई थी कि सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने पर बड़ा हादसा हो सकता है।
ग्रामीणों में नाराजगी
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते प्रभावी सुरक्षा इंतजाम किए गए होते तो यह दुर्घटना टाली जा सकती थी। उनका कहना है कि यह मार्ग छत्तीसगढ़ और उड़ीसा सीमा क्षेत्र के ग्रामीणों, विद्यार्थियों, किसानों और व्यापारियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन विभाग की लापरवाही लोगों की जान पर भारी पड़ रही है।
ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि पुल के पुनर्निर्माण तक तत्काल मजबूत बैरिकेडिंग, बड़े चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेक्टर और अन्य सुरक्षा संकेतक लगाए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की किसी और दुर्घटना को रोका जा सके। फिलहाल इस हादसे ने प्रशासन और संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Satyanarayan Vishwakarma serves as the Chief Editor of Samwad Express, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments

















