(संवाद एक्सप्रेस)गरियाबंद/छुरा। लगता है डोंगरीपानी गांव में अवैध शराब को अब “स्थानीय विरासत” का दर्जा देने की तैयारी चल रही थी। पुलिस जब अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची, तो कुछ लोगों ने ऐसा उत्साह दिखाया मानो कोई सांस्कृतिक धरोहर बचाने का अभियान चल रहा हो। स्वागत के लिए फूल-माला नहीं मिली, लेकिन धक्का-मुक्की और मारपीट का पूरा इंतजाम था।
शुक्रवार सुबह पुलिस भी यह समझ चुकी थी कि यह कोई साधारण छापा नहीं, बल्कि “शराब संरक्षण समिति” का विशेष अधिवेशन है। इसलिए अतिरिक्त पुलिस बल के साथ दोबारा गांव पहुंचकर चार पुरुष, एक महिला और एक नाबालिग सहित कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस को लंबे समय से गांव में अवैध शराब निर्माण और बिक्री की शिकायतें मिल रही थीं। लेकिन कुछ लोगों का मानना शायद यह था कि कानून केवल पड़ोसी गांवों तक ही लागू होता है। जब पुलिस ने कार्रवाई शुरू की, तो सरकारी काम में बाधा डालने का ऐसा प्रदर्शन हुआ कि रात में पुलिस को गांव से बाहर निकलना पड़ा।
इधर बड़ी संख्या में ग्रामीण भी थाने पहुंच गए, मानो गिरफ्तारी नहीं, पंचायत चुनाव का नामांकन चल रहा हो। स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर ने साफ कहा कि अवैध शराब का कारोबार और पुलिस पर हमला करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। बाकी आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी की कार्रवाई जारी है।

Satyanarayan Vishwakarma serves as the Chief Editor of Samwad Express, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments

















