(संवाद एक्सप्रेस)गरियाबंद । मैनपुर विकासखंड मुख्यालय से लगभग 35 किलोमीटर दूर सुदूर वनांचल क्षेत्र के ग्राम अमाड़ में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘हर घर जल, हर घर नल’ योजना दम तोड़ती नजर आ रही है। गांव में करीब तीन वर्ष पहले लाखों रुपये की लागत से सौर ऊर्जा आधारित पानी टंकी और पाइपलाइन का निर्माण कराया गया था, लेकिन आज तक 40 से 45 घरों में एक बूंद भी पानी नहीं पहुंचा है। इससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
टंकी बनी, लेकिन नलों तक नहीं पहुंचा पानी
ग्रामीणों के अनुसार क्रेडा और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग के माध्यम से गांव में सौर ऊर्जा आधारित पानी टंकी स्थापित की गई थी। योजना का उद्देश्य हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना था, लेकिन निर्माण के तीन साल बाद भी योजना शुरू नहीं हो सकी। गांव के अधिकांश नल आज भी सूखे पड़े हैं।
टंकी में कीचड़, सफाई तक नहीं हुई
ग्रामीणों का आरोप है कि पानी टंकी की कभी सफाई नहीं कराई गई। टंकी के अंदर कीचड़ और गंदगी जमा हो चुकी है। जिस स्थान पर टंकी लगी है, वहीं एक नल से पानी निकलता है, लेकिन पूरे गांव में बिछाई गई पाइपलाइन बेकार पड़ी है। ग्रामीणों ने अधूरे निर्माण के लिए ठेकेदार की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है।
बीमारी का खतरा, फिर भी विभाग बेखबर
जंगल और पहाड़ी क्षेत्र में बसे अमाड़ गांव में हर वर्ष मौसमी बीमारियों का खतरा बना रहता है। ऐसे में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता बेहद जरूरी है, लेकिन जिम्मेदार विभागों की उदासीनता के कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांव की लगातार अनदेखी की जा रही है।

सुशासन तिहार का आश्वासन भी अधूरा
ग्राम पंचायत अमाड़ के सरपंच प्रतिनिधि गोपाल सिंह नेताम ने बताया कि सुशासन तिहार के दौरान जिला कलेक्टर ने 15 दिनों के भीतर हर घर तक पानी पहुंचाने का आश्वासन दिया था। लेकिन कई सप्ताह बीत जाने के बाद भी न तो अधूरा काम पूरा हुआ और न ही जलापूर्ति शुरू हो सकी।
ठेकेदार पर कार्रवाई और योजना पूरी करने की मांग
ग्राम पंचायत की सरपंच सुभद्रा बाई नेताम, सरपंच प्रतिनिधि गोपाल सिंह नेताम, मदन यादव, दीकसन मांझी, फत्तू सिंह नेताम सहित ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर और पीएचई विभाग से मांग की है कि योजना में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए तथा अधूरी पाइपलाइन का कार्य जल्द पूरा कर गांव के प्रत्येक घर तक शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाए।

Satyanarayan Vishwakarma serves as the Chief Editor of Samwad Express, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments

















