(संवाद एक्सप्रेस)गरियाबंद। 25 मई 2013 को हुए बहुचर्चित झीरम घाटी नरसंहार में एनआईए कोर्ट के फैसले के बाद छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने इसे “आधा-अधूरा न्याय” बताते हुए पूरे घटनाक्रम की साजिश का पर्दाफाश किए जाने की मांग।कांग्रेस ने पत्रकार वार्ता के जरिए एनआईए की जांच को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
रविवार को जिला कांग्रेस भवन में जिलाध्यक्ष सुखचंद बेसरा व जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि अदालत के फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए,लेकिन एनआईए की जांच शुरुआत से ही “दिशाहीन” रही।पार्टी ने आरोप लगाया कि जांच में घटना के राजनीतिक षड्यंत्र के पहलू को पर्याप्त रूप से नहीं खंगाला गया।साथ ही जिन बड़े नक्सली नेताओं के नाम शुरुआती एफआईआर में शामिल किए गए थे, बाद में चार्जशीट से उनके नाम हटाए जाने को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।

यात्रा का मार्ग बदलने और हमले की साजिश पर सवाल,,,,,,,, जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा की सुरक्षा क्यों हटाई गई थी और यात्रा का मार्ग किसने और क्यों बदला? पार्टी ने यह भी सवाल उठाया कि झीरम हमले की योजना किसने बनाई थी।कांग्रेस के अनुसार,जब बड़े नक्सली नेताओं ने बाद में आत्मसमर्पण किया तो सरकार ने दावा किया कि वे झीरम हमले में शामिल थे,लेकिन एनआईए ने उनसे पूछताछ क्यों नहीं की।
पार्टी ने हमले में घायल और जीवित बचे लोगों के बयान दर्ज नहीं किए जाने पर भी आपत्ति जताई। कांग्रेस का आरोप है कि कई प्रभावित लोग जांच एजेंसियों के सामने शपथ पत्र के साथ उपस्थित हुए,लेकिन उनके बयान रिकॉर्ड में शामिल नहीं किए गए। इसके अलावा घटना के बाद शहीदों और घायलों के पर्स,फाइलों और महत्वपूर्ण दस्तावेजों के संबंध में भी जांच को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
बड़े नक्सली नेताओं के नाम हटाने पर भी सवाल
कांग्रेस ने दावा किया कि शुरुआती एफआईआर में प्रमुख नक्सली नेताओं गणपति (मुप्पला लक्ष्मण राव) और रमन्ना के नाम शामिल थे। 21 मार्च 2014 को गणपति और रमन्ना समेत 26 फरार आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बावजूद बाद की चार्जशीट से उनके नाम हटाए जाने को लेकर कांग्रेस ने सवाल खड़े किए हैं।
कांग्रेस ने यह भी सवाल उठाया कि एनआईए की शुरुआती जांच में देवा (बारसे सुका एलियास देवा) का नाम झीरम से जुड़े नक्सलियों में था और उसे वांछित घोषित किया गया था,बावजूद इसके उससे पूछताछ क्यों नहीं की गई।
सरेंडर कर चुके नक्सलियों से पूछताछ का मुद्दा
पत्रकार वार्ता में कांग्रेस ने झीरम घाटी हत्याकांड में शामिल अथवा वांछित रहे कई नक्सलियों के आत्मसमर्पण के बाद उनसे पूछताछ किए जाने का मुद्दा भी उठाया।इनमें चैतू उर्फ श्याम दादा,रूपेश उर्फ मेला सागजड़ी और निर्मला उर्फ सुमित्रा के नाम का उल्लेख किया गया है।दस्तावेज के अनुसार चैतू के आत्मसमर्पण पर 25 लाख रुपये तथा निर्मला के आत्मसमर्पण पर 20 लाख रुपये का इनाम बताया गया है।

Satyanarayan Vishwakarma serves as the Chief Editor of Samwad Express, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments











