(संवाद एक्सप्रेस)गरियाबंद। जिले के गुजरा स्थित धान उपार्जन केंद्र में लाखों रुपये मूल्य का भूसा खुले में पड़े-पड़े खराब होने का मामला सामने आया है। भूसे के रखरखाव में कथित लापरवाही को लेकर ग्रामीणों ने मंडी प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पर्याप्त सुरक्षा और उचित भंडारण की व्यवस्था नहीं होने के कारण भूसा बारिश में भीगकर सड़ रहा है, जिससे समिति को आर्थिक नुकसान होने की आशंका है।
ग्रामीणों के अनुसार, धान उपार्जन केंद्र परिसर में बड़ी मात्रा में भूसा खुले स्थान पर रखा गया है। इसे बारिश से बचाने के लिए फटे-पुराने तिरपाल का इस्तेमाल किया जा रहा है। तिरपाल जगह-जगह से खराब होने के कारण भूसा पूरी तरह ढका नहीं रह पाता। बारिश का पानी अंदर पहुंचने से भूसा लगातार खराब हो रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते भूसे के सुरक्षित भंडारण और रखरखाव की व्यवस्था नहीं की गई तो बड़ी मात्रा में सामग्री बर्बाद हो सकती है। इससे समिति को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। ग्रामीणों ने संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों से मौके का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति की जांच करने की मांग की है।
जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने कहा कि सरकारी एवं समिति की संपत्ति के रखरखाव में इस तरह की लापरवाही गंभीर विषय है। उन्होंने पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी की जवाबदेही तय करने और लापरवाही सामने आने पर नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग की है।

ग्रामीणों का यह भी कहना है कि धान उपार्जन केंद्र जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्था में सामग्री के रखरखाव को लेकर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। मामले की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि भूसे के खराब होने के पीछे वास्तविक कारण क्या हैं और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।

Satyanarayan Vishwakarma serves as the Chief Editor of Samwad Express, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments











