(संवाद एक्सप्रेस)भिलाई। तकनीकी सोच, निरंतर मेहनत और सामाजिक सरोकार को साथ लेकर चल रहे मैकेनिकल इंजीनियर एवं नवाचारी उद्यमी सत्यम भवानी की पहल ‘दिव्य दृष्टि’ को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मिली है। दृष्टिबाधितों के लिए AI आधारित स्मार्ट असिस्टिव डिवाइस विकसित करने के इस प्रोजेक्ट के लिए 3 लाख रुपये की CSVTU इग्निशन ग्रांट स्वीकृत हुई है। इसका चेक सत्यम भवानी को छत्तीसगढ़ के राज्यपाल महामहिम श्री रमेन डेका के हाथों CSVTU के तत्वाधान में BIT कॉलेज के ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में प्रदान किया गया।
तिफरा डायनामिक वेंचर्स के संस्थापक सत्यम भवानी ने अपने तकनीकी अनुभव और लंबे समय से किए जा रहे प्रयासों को एक सामाजिक उद्देश्य से जोड़ते हुए ‘दिव्य दृष्टि’ की परिकल्पना को अपने टीम के साथ मिल कर प्रोटोटाइप के रूप में विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।

‘दिव्य दृष्टि’ में AI कैमरा, ऑब्जेक्ट रिकॉग्निशन, LiDAR, GPS, जाइरोस्कोप, एक्सेलेरोमीटर और ऑडियो सिस्टम जैसी तकनीकों के उपयोग पर कार्य किया जा रहा है। इसका उद्देश्य दृष्टिबाधित व्यक्ति को आसपास की वस्तुओं और बाधाओं की जानकारी आवाज एवं वाइब्रेशन के माध्यम से देना है। टेक्स्ट, फोटो, साइन बोर्ड और वस्तुओं की पहचान जैसी सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं।
यह प्रोजेक्ट CSVTU के DST NiDHI iTBI इनक्यूबेशन स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़ा है। प्राप्त 3 लाख रुपये की राशि का उपयोग प्रोटोटाइप विकास, हार्डवेयर और तकनीकी परीक्षण में किया जाएगा।
सत्यम भवानी की यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्होंने एक विचार को केवल कागज तक सीमित न रखकर लगातार मेहनत, प्रयोग और तकनीकी विकास के माध्यम से सामाजिक उपयोगिता वाले प्रोजेक्ट का रूप देने का प्रयास किया है। उनका लक्ष्य ‘दिव्य दृष्टि’ को भारतीय परिस्थितियों के अनुरूप किफायती, व्यावहारिक और उपयोगी सहायक तकनीक के रूप में विकसित करना है।
सत्यम भवानी ने कहा, “दिव्य दृष्टि मेरे लिए सिर्फ एक प्रोडक्ट नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए तकनीक के माध्यम से सुरक्षा, स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता का प्रयास है, जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है।”

Satyanarayan Vishwakarma serves as the Chief Editor of Samwad Express, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments











