(संवाद एक्सप्रेस)गरियाबंद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा पटना में आयोजित एक सभा के दौरान की गई कथित टिप्पणी के विरोध में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो), जिला गरियाबंद ने जोरदार प्रदर्शन किया। भाजपा जिलाध्यक्ष अनिल चंद्राकर के नेतृत्व में युवा मोर्चा के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय स्थित तिरंगा चौक पर एकत्रित होकर कांग्रेस अध्यक्ष के बयान के प्रति नाराजगी जताई और मल्लिकार्जुन खड़गे का पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने राजनीतिक विरोध में मर्यादित भाषा के इस्तेमाल की मांग करते हुए कथित टिप्पणी की निंदा की।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक दलों के बीच विचारों का मतभेद होना स्वाभाविक है। जनता के मुद्दों, सरकार की नीतियों और राजनीतिक निर्णयों पर सवाल उठाना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन राजनीतिक विरोध के दौरान व्यक्तिगत जीवन और परिवार को निशाना बनाने वाली टिप्पणियों से बचना चाहिए। कार्यकर्ताओं ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में सक्रिय नेताओं से संयमित और जिम्मेदार भाषा की अपेक्षा की जाती है, क्योंकि उनके बयानों का प्रभाव समाज और राजनीतिक वातावरण पर भी पड़ता है।

भाजपा ने बयान को बताया अनुचित
जिला महामंत्री आशीष शर्मा ने भी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कथित बयान का विरोध करते हुए कहा कि राजनीतिक दलों के बीच मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन सार्वजनिक मंचों से दिए जाने वाले बयानों में गरिमा बनी रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी इस टिप्पणी का पुरजोर विरोध करती है।
आशीष शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र में जनता राजनीतिक दलों और उनके नेताओं के आचरण पर भी नजर रखती है। ऐसे में नेताओं को अपनी भाषा और वक्तव्यों के प्रति संवेदनशील रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध को व्यक्तिगत टिप्पणियों तक सीमित करने के बजाय जनहित के मुद्दों पर स्वस्थ बहस को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
कांग्रेस नेतृत्व पर साधा निशाना
जिला कोषाध्यक्ष अजय रोहरा ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की कथित टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए कहा कि सार्वजनिक मंचों से दिए जाने वाले बयानों में शब्दों का चयन सोच-समझकर किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व राजनीतिक परिस्थितियों और जनाधार में आ रही गिरावट को लेकर असहज है। उनके अनुसार, राजनीतिक दलों को जनता के बीच अपनी नीतियों और कार्यों के आधार पर समर्थन हासिल करने का प्रयास करना चाहिए।

अजय रोहरा ने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी राजनीतिक दल को अपनी बात रखने की स्वतंत्रता है, लेकिन यह स्वतंत्रता जिम्मेदारी के साथ जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के दौरान व्यक्तिगत टिप्पणियों के बजाय जनसमस्याओं, विकास, रोजगार और देशहित से जुड़े विषयों पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष के कथित बयान की निंदा करते हुए सार्वजनिक जीवन में मर्यादा और संयम बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
राजनीतिक विरोध में मर्यादा जरूरी : दीपक साहू
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए भाजयुमो जिलाध्यक्ष दीपक साहू ने कहा कि राजनीति में वैचारिक मतभेद और आरोप-प्रत्यारोप लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा हैं। विपक्ष को सरकार की नीतियों का विरोध करने और अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है, लेकिन विरोध के दौरान भाषा की मर्यादा बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के निजी जीवन अथवा परिवार को लेकर टिप्पणी करना उचित नहीं है।
भाजपा ने बयान को बताया अनुचित
दीपक साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन हैं और उनके परिवार से संबंधित विषयों पर की गई कथित टिप्पणी को लेकर कार्यकर्ताओं में नाराजगी है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक बहस नीतियों, विकास और जनहित के मुद्दों पर केंद्रित होनी चाहिए। व्यक्तिगत टिप्पणियां राजनीतिक संवाद की गरिमा को प्रभावित करती हैं। युवा मोर्चा ऐसी टिप्पणियों का विरोध करता है और सार्वजनिक मंचों से जिम्मेदारीपूर्वक बयान देने की अपेक्षा करता है।

तिरंगा चौक पर जुटे युवा मोर्चा के कार्यकर्ता
कांग्रेस अध्यक्ष के कथित बयान के विरोध में आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने तिरंगा चौक पर पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि राजनीतिक दलों के नेताओं को एक-दूसरे की विचारधारा और नीतियों का विरोध करने का अधिकार है, लेकिन संवाद में शालीनता बनाए रखना लोकतांत्रिक परंपराओं के लिए आवश्यक है।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा बनाए रखने से राजनीतिक संवाद अधिक सार्थक बनता है। उन्होंने राजनीतिक नेताओं से अपेक्षा की कि वे अपने वक्तव्यों में संयम बरतें और व्यक्तिगत विषयों को राजनीतिक विवाद का हिस्सा बनाने से बचें।
इस विरोध प्रदर्शन में गरियाबंद मंडल अध्यक्ष सुमित पारख सहित राधेश्याम सोनवानी, संजय सोनकर,गौतम शर्मा,शीतल सिंह, मोहनिस ठाकुर, आकाश सिंह राजपूत, ओंकार साहू,बादल साहू, रवि साहू, आयुष तिवारी,सोमेश्वर साहू, सूरज सिंह, मयंक सोनी, सोनू यादव, लालजी साहू, श्रेयांश शर्मा, हर्ष देवांगन, पीयूष सिंह, देवेश भन्दैलुकार, लोकेश सिन्हा, सोनू यादव, सूरज बीसी, प्रखर राजपूत, सर्जेव राव सहित भारतीय जनता युवा मोर्चा के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के माध्यम से कांग्रेस अध्यक्ष के कथित बयान के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए राजनीतिक संवाद में शालीनता, संयम और सार्वजनिक जीवन की गरिमा बनाए रखने की मांग की।

Satyanarayan Vishwakarma serves as the Chief Editor of Samwad Express, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments











