(संवाद एक्सप्रेस)गरियाबंद। ग्राम पंचायतों में विकास कार्य कराने के बाद भी महीनों से भुगतान नहीं मिलने का मामला अब आंदोलन का रूप लेने लगा है। लंबित राशि के भुगतान की मांग को लेकर सोमवार को जिला सरपंच संघ गरियाबंद के बैनर तले जिलेभर के सैकड़ों सरपंच जिला मुख्यालय पहुंचे और अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। हाथों में कटोरा लेकर सांकेतिक रूप से भीख मांगते हुए सरपंचों ने शासन-प्रशासन का ध्यान पंचायतों की आर्थिक स्थिति और लंबित भुगतान की समस्या की ओर आकर्षित किया। प्रदर्शन के दौरान तिरंगा चौक पर चक्काजाम कर राष्ट्रीय राजमार्ग NH-130 पर आवागमन बाधित किया गया।

मूल्यांकन और सत्यापन के बाद भी भुगतान नहीं
सरपंच संघ ने आरोप लगाया कि जिले की कई ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्य पूरे होने के बाद उनका मूल्यांकन एवं सत्यापन भी कराया जा चुका है। इसके बावजूद भुगतान की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है और संबंधित फाइलें जिला स्तर पर लंबित हैं। कई निर्माण कार्यों की राशि पांच से छह महीने बीतने के बाद भी पंचायतों को प्राप्त नहीं हुई है।
सरपंचों का कहना है कि पंचायतों द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत कार्य पूर्ण कराए गए हैं। इसके बाद भी भुगतान नहीं होने से पंचायतों की आर्थिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। बकाया राशि के चलते नए विकास कार्य शुरू करने और पहले से संचालित कार्यों को आगे बढ़ाने में भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

कटोरा लेकर जताया विरोध, दिवाली से पहले भुगतान की मांग
लंबे समय से भुगतान की प्रतीक्षा कर रहे सरपंचों ने इस बार विरोध का अलग तरीका अपनाया। हाथों में कटोरा लेकर सांकेतिक भीख मांगते हुए उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर की। प्रदर्शन के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि गांवों में विकास कार्य कराने वाले पंचायत प्रतिनिधियों को अब अपने ही कराए गए कार्यों की राशि के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है।
सरपंच संघ ने मांग की कि दिवाली से पहले मनरेगा की लंबित मजदूरी एवं सामग्री राशि का भुगतान किया जाए, ताकि पंचायतों को आर्थिक राहत मिल सके और विकास कार्यों की गति प्रभावित न हो।

तिरंगा चौक पर चक्काजाम, पुलिस बल रहा तैनात
जिला मुख्यालय में बड़ी संख्या में सरपंचों के पहुंचने से प्रशासनिक हलचल बढ़ गई। प्रदर्शनकारियों ने तिरंगा चौक पर चक्काजाम कर दिया, जिससे NH-130 पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। वहीं छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के आयोजन को देखते हुए जिला मुख्यालय में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए थे।
पंचायतों की आर्थिक स्थिति पर उठे सवाल
सरपंच संघ की प्रमुख मांगों में मनरेगा की लंबित मजदूरी एवं सामग्री भुगतान, 16वें वित्त आयोग की राशि जारी करना, मूलभूत राशि का भुगतान, निर्माण कार्यों की लंबित फाइलों का निराकरण तथा पंचों और उपसरपंचों के मानदेय का भुगतान शामिल है।
इस आंदोलन ने जिले की ग्राम पंचायतों में लंबित भुगतान और विकास कार्यों के संचालन से जुड़ी समस्याओं को एक बार फिर सामने ला दिया है। अब सरपंचों की मांगों पर जिला प्रशासन और शासन की ओर से क्या निर्णय लिया जाता है, यह देखना होगा। फिलहाल जिलेभर की पंचायतों की निगाहें लंबित राशि के भुगतान और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

Satyanarayan Vishwakarma serves as the Chief Editor of Samwad Express, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments











