गरियाबंद । विधानसभा चुनाव वर्ष 2023-24 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के तहत पंचायत सचिवों के शासकीयकरण का वादा किया गया था। पंचायत सचिव विगत 30 वर्षों से पंचायतों में सेवा दे रहे हैं। 07 जुलाई 2024 को इन्डोर स्टेडियम रायपुर में आयोजित गरिमामयी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, उपमुख्यमंत्री, मंत्रीगण एवं घोषणा पत्र संयोजक सांसद दुर्ग की उपस्थिति में पंचायत सचिवों के शासकीयकरण को अति आवश्यक मानते हुए शीघ्र कार्यवाही का भरोसा दिया गया था।
घोषणा अनुरूप 16 जुलाई 2024 को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने समिति गठित कर 30 दिवस में प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। समिति ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत भी कर दी, लेकिन बजट सत्र में शासकीयकरण पर कोई पहल नहीं होने से पंचायत सचिवों में रोष व्याप्त है।
इस विषय पर पंचायत सचिव संघ ने पुनः मुख्यमंत्री से निवेदन किया है कि मोदी की गारंटी को पूरा करते हुए छत्तीसगढ़ के पंचायत सचिवों को शासकीयकरण की सौगात दी जाए।
कर्मचारियों की अन्य मांगें
इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन की बैठक 15 जून 2025 को अध्यक्ष कमल वर्मा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में सर्वसम्मति से कर्मचारियों व पेंशनरों के हित में प्रमुख मांगें उठाई गईं—
1. केन्द्र के समान 2% महंगाई भत्ता तत्काल प्रभाव से दिया जाए।
2. जुलाई 2019 से लंबित महंगाई भत्ते की एरियर्स राशि का समायोजन जीपीएफ खाते में किया जाए।
3. पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
4. कर्मचारियों को 8, 16, 24 व 30 वर्ष सेवा उपरांत चार स्तरीय पदोन्नत समयमान वेतनमान लागू किया जाए।
5. सहायक शिक्षक व सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों को तृतीय समयमान वेतनमान स्वीकृत किया जाए।
6. अन्य भाजपा शासित राज्यों की तर्ज पर कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू की जाए।
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि यदि सरकार ने समय रहते मांगों पर पहल नहीं की तो वे आंदोलन की राह अपनाने के लिए बाध्य होंगे।

Satyanarayan Vishwakarma serves as the Chief Editor of Samwad Express, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments

















