गरियाबंद/धमतरी। उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में अतिक्रमण कर खेती करने की एक बड़ी कोशिश को वन विभाग ने समय रहते नाकाम कर दिया है। कोर जोन में अवैध रूप से प्रवेश कर जंगल साफ किए जाने की सूचना पर की गई सख्त कार्रवाई में कोंडागांव जिले से आए 53 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किए जाने के बाद 14 दिनों के लिए जेल दाखिल कर दिया गया है। इस मामले में आरोपियों पर 3 से 7 वर्ष तक की सजा का प्रावधान है।
कोर जोन में पेड़-पौधों की कटाई कर खेती की तैयारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार 16 दिसंबर 2025 को उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व के सीतानदी (कोर) परिक्षेत्र अंतर्गत आरक्षित वन कक्ष क्रमांक 323, परिसर घोटबेड़ा में अतिक्रमण की सूचना मिली थी। जांच में सामने आया कि कोंडागांव जिले के विभिन्न गांवों—देवडोंगर, डोंडरा, कोरगांव, रावबेड़ा, पिटसपाल, रहटीपारा, हरवेल, कोडकामेटा, बड़बतर, छोटे राजपुर, चिलपुड़ी, करमरी, कोकड़ी, बागबेड़ा, डोंगाईपारा सहित अन्य गांवों के ग्रामीण बिना अनुमति के टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में घुसकर खेती करने के उद्देश्य से छोटे-छोटे पेड़ एवं झाड़ियों की कटाई-सफाई कर रहे थे।

संयुक्त टीम की त्वरित कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलते ही सहायक संचालक सीतानदी, परिक्षेत्र अधिकारी सीतानदी एवं परिक्षेत्र अधिकारी अरसीकन्हार के नेतृत्व में तीन परिक्षेत्रों की संयुक्त टीम गठित कर मौके पर दबिश दी गई। वन अमले ने मौके से सभी 53 आरोपियों को हिरासत में लिया और उनके पास से 53 नग कुल्हाड़ी जब्त की गईं, जिनका उपयोग जंगल की कटाई में किया जा रहा था।
कानूनी कार्रवाई और गंभीर धाराए
वन विभाग द्वारा आरोपियों के विरुद्ध वन्यप्राणी (संरक्षण) अधिनियम 1972 की धारा 27, 29, 31, 50, 51 एवं 52 तथा भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 26(1)(क) के तहत वन अपराध प्रकरण क्रमांक 15/05, 15/06 एवं 15/07 पंजीबद्ध किया गया। सभी आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट, जिला धमतरी के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन के न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

वन्यजीव आवास और पर्यावरण को गंभीर खतरा
वन अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों की इस कार्रवाई से हाथी, तेंदुआ सहित अन्य वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका थी। कोर जोन में किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि इससे पूरे पारिस्थितिकी तंत्र पर गंभीर प्रभाव पड़ता है।
तीन वर्षों में 750 हेक्टेयर अतिक्रमण हटाया गया
उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व प्रशासन ने बताया कि बीते तीन वर्षों में रिजर्व क्षेत्र से लगभग 750 हेक्टेयर अवैध अतिक्रमण हटाया जा चुका है। भविष्य में भी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
अधिकारियों की अहम भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में एस.डी.ओ. भोपाल सिंह राजपूत, रेंजर सुशील सागर, डिप्टी रेंजर लोकेश्वर चौहान एवं वन बल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि संरक्षित क्षेत्रों में किसी भी तरह की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह कार्रवाई न केवल वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक मजबूत संदेश है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व की सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क और प्रतिबद्ध है।

Satyanarayan Vishwakarma serves as the Chief Editor of Samwad Express, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments

















