(संवाद एक्सप्रेस)गरियाबंद। जिले में बहुप्रतीक्षित सैनिक स्कूल खोलने की दिशा में अहम पहल हुई है। गरियाबंद तहसील अंतर्गत ग्राम बिन्द्रानवागढ़ में सैनिक स्कूल के लिए 101.18 हेक्टेयर भूमि चिन्हित कर उसका प्रस्ताव रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार को भेज दिया गया है। प्रस्ताव स्वीकृत होने पर जिले में सैनिक स्कूल की स्थापना का रास्ता साफ हो सकता है।
मिली जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ में वर्तमान में केवल एक सैनिक स्कूल अंबिकापुर में संचालित है। केंद्र सरकार द्वारा देशभर में 100 नए सैनिक स्कूल खोलने की योजना पर काम किया जा रहा है। यह योजना राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप गैर-सरकारी संगठनों (NGOs), निजी स्कूलों और राज्य सरकारों के सहयोग से लागू की जा रही है।
इसी क्रम में संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा, रायपुर द्वारा गरियाबंद जिले में सैनिक स्कूल स्थापित करने के संबंध में पत्राचार किया जा रहा था। इसके तहत कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) गरियाबंद द्वारा ग्राम बिन्द्रानवागढ़ में 101.18 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध होने की जानकारी दी गई।
राजस्व निरीक्षक मंडल बिन्द्रानवागढ़ द्वारा कलेक्टर को प्रस्तुत प्रतिवेदन के अनुसार ग्राम बिन्द्रानवागढ़ प.ह.न. 27 तहसील गरियाबंद में खसरा नंबर 383, 395, 399, 401, 434, 509 और 510 में क्रमशः 10.23, 37.37, 7.58, 12.87, 8.73 और 19.79 हेक्टेयर भूमि दर्ज है। कुल सात खसरा नंबरों में कुल 101.18 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध है।
बताया गया कि यह भूमि पहले कृषि सहकारी समिति बिन्द्रानवागढ़ के नाम दर्ज थी। बाद में वर्ष 2004 में सहकारी समिति का पंजीयन निरस्त कर दिया गया और 14 जनवरी 2010 को नाम खारिज कर भूमि को शासकीय (काबिल काश्त) मद में दर्ज कर लिया गया।
वर्तमान में यह संपूर्ण 101.18 हेक्टेयर भूमि शासकीय मद में दर्ज है। लोक शिक्षण संचालनालय, संभाग रायपुर द्वारा जारी पत्र के अनुसार सैनिक स्कूल खोलने के लिए उक्त भूमि का प्रस्ताव रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार नई दिल्ली को भेज दिया गया है।
यदि प्रस्ताव को स्वीकृति मिलती है तो गरियाबंद जिले के विद्यार्थियों को सैनिक स्कूल में शिक्षा प्राप्त करने का बड़ा अवसर मिलेगा और क्षेत्र में शिक्षा व सैन्य प्रशिक्षण के नए आयाम खुलेंगे।

Satyanarayan Vishwakarma serves as the Chief Editor of Samwad Express, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments

















