(संवाद एक्सप्रेस)छुरा। गरियाबंद। मानसून की पहली ही तेज बारिश ने क्षेत्र में जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। बीती रात हुई लगातार वर्षा के चलते कोसम्बुड़ा-सारागांव होते हुए उड़ीसा सीमा को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर स्थित एक छोटे नाले (पुलिया) का हिस्सा बह गया, जिससे मार्ग पर आवागमन बाधित हो गया है। यह सड़क छत्तीसगढ़ और उड़ीसा के बीच आवागमन का महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग मानी जाती है।

पुलिया क्षतिग्रस्त होने से दुल्ला, सारागांव, नवापारा, कोसमी, चुरकीदादर सहित आसपास के दर्जनों गांवों के ग्रामीण प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों को दैनिक आवागमन, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाओं तथा अन्य जरूरी कार्यों के लिए अब अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ सकती है। क्षेत्र के लोगों ने शीघ्र मरम्मत एवं वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की है।
स्थानीय लोगों के अनुसार रातभर हुई तेज बारिश के कारण नाले में अचानक जलस्तर बढ़ गया, जिससे पुलिया पर दबाव बढ़ने के बाद उसका एक हिस्सा टूट गया। घटना के बाद मार्ग पर वाहनों की आवाजाही लगभग बंद हो गई है। सुरक्षा की दृष्टि से लोगों को क्षतिग्रस्त हिस्से से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।

मानसून की पहली बारिश का असर केवल इस मार्ग तक सीमित नहीं रहा। छुरा समेत पूरे गरियाबंद जिले में नदी-नाले उफान पर हैं तथा कई खेत और निचले इलाके जलमग्न दिखाई दे रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित होने लगा है। यदि आगामी दिनों में वर्षा का यही क्रम जारी रहा तो कई अन्य मार्गों और पुल-पुलियों पर भी खतरा बढ़ सकता है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग छत्तीसगढ़ और उड़ीसा के बीच संपर्क का महत्वपूर्ण साधन है। ऐसे में पुलिया क्षतिग्रस्त होने से दोनों राज्यों के सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों को आने-जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। अब लोगों की निगाहें प्रशासन और संबंधित विभाग की ओर हैं कि मार्ग को कब तक पुनः सुचारु किया जाता है।

Satyanarayan Vishwakarma serves as the Chief Editor of Samwad Express, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments

















