(संवाद एक्सप्रेस)गरियाबंद। विश्व आदिवासी दिवस को लेकर कांग्रेस ने भाजपा और आरएसएस पर आदिवासी समाज की अस्मिता, संस्कृति और पहचान के विरोध का आरोप लगाया है। बिंद्रानवागढ़ विधायक जनक ध्रुव ने सोमवार को स्थानीय रेस्ट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि भाजपा सरकार शासकीय स्तर पर विश्व आदिवासी दिवस का आयोजन नहीं कर रही है और यही उसकी आदिवासी समाज के प्रति सोच को दर्शाता है।
विधायक जनक ध्रुव ने कहा कि 9 अगस्त को पूरी दुनिया में आदिवासी समाज ने विश्व आदिवासी दिवस मनाया, लेकिन भाजपा के किसी प्रमुख नेता, यहां तक कि आदिवासी नेताओं, राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री की ओर से भी आदिवासी समाज को बधाई संदेश नहीं दिया गया। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2023 से पहले भाजपा के नेता भी विश्व आदिवासी दिवस की बधाई देते थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद सरकार ने इस आयोजन से दूरी बना ली।

ध्रुव ने आरोप लगाया कि आरएसएस आदिवासी संस्कृति और अस्मिता को स्वतंत्र पहचान के रूप में स्वीकार नहीं करती और आदिवासी समाज को ‘वनवासी’ की पहचान देने की कोशिश करती है। उन्होंने कहा कि इसी कारण विश्व आदिवासी दिवस का विरोध किया जा रहा है। उनके अनुसार आदिवासी दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की एकता, संस्कृति और सभ्यता को दुनिया के सामने रखने का दिन है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में लगभग 32 प्रतिशत आबादी आदिवासी समाज की है और यहां प्राचीन आदिवासी सभ्यताओं की समृद्ध परंपरा मौजूद है। ऐसे राज्य में विश्व आदिवासी दिवस को शासकीय स्तर पर नहीं मनाना आदिवासी समाज का अपमान है। ध्रुव ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा ने एक आदिवासी को मुख्यमंत्री तो बना दिया, लेकिन उन्हें अपने ही समाज के साथ विश्व आदिवासी दिवस मनाने की स्वतंत्रता नहीं है।
जल, जंगल और जमीन आदिवासी समाज की पहचान
पत्रकार वार्ता में विधायक ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस अपनी जड़ों, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने का दिन है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज ने सदियों से जल, जंगल, जमीन, प्रकृति और मानवता के बीच संतुलन बनाए रखा है। जंगल उनके लिए केवल संसाधन नहीं, बल्कि जीवन है; जल उनकी सांस है और जमीन उनकी पहचान है।
उन्होंने कहा कि बस्तर, सरगुजा, कांकेर, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा, कोरबा, जशपुर, बलरामपुर और गरियाबंद सहित प्रदेश के वनांचलों में आदिवासी समाज ने अपने संघर्ष, श्रम और संस्कृति से छत्तीसगढ़ की पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की अस्मिता, अधिकार और जल-जंगल-जमीन के अधिकार से कोई समझौता नहीं होगा।
पत्रकार वार्ता में जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुखचंद बेसरा, रमेश शर्मा, छगन यादव, नीरज ठाकुर, पवन सोनकर, सुनील तिवारी, रमेश वर्मा सहित कांग्रेस के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

Satyanarayan Vishwakarma serves as the Chief Editor of Samwad Express, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments

















