(संवाद एक्सप्रेस)गरियाबंद। वनांचल क्षेत्र की ऐसी बालिकाओं और महिलाओं को दोबारा शिक्षा से जोड़ने की पहल शुरू की गई है, जो किसी कारणवश पढ़ाई बीच में छोड़ चुकी हैं। एजुकेट गर्ल के सहयोग से प्रयोग समाज सेवी संस्था तिल्दा द्वारा ‘बालिका शिक्षा प्रगति कार्यक्रम’ की शुरुआत मैनपुर और गरियाबंद ब्लॉक के गांवों में की जा रही है। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षा से वंचित बालिकाओं को पढ़ाई का अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें आगे की शिक्षा और कौशल विकास से जोड़ना है।
कार्यक्रम के तहत मैनपुर ब्लॉक के 30 और गरियाबंद ब्लॉक के 15 गांवों को शामिल किया गया है। शुरुआत में गांवों में सोशल मैपिंग के माध्यम से 14 से 29 वर्ष आयु वर्ग की उन बालिकाओं एवं महिलाओं को चिन्हांकित किया जा रहा है, जिन्होंने कक्षा 5वीं तक पढ़ाई की है, लेकिन 10वीं कक्षा पूरी नहीं कर पाई हैं।

चिन्हांकन के बाद गांव स्तर पर प्रेरकों का चयन किया जाएगा। चयनित प्रेरक स्थानीय सार्वजनिक स्थल पर वर्षभर प्रतिदिन करीब तीन घंटे बालिकाओं को पढ़ाएंगे। इसके बाद शिक्षार्थियों को छत्तीसगढ़ ओपन परीक्षा दिलाने में सहयोग किया जाएगा, ताकि वे आगे की पढ़ाई जारी रखने के साथ अपने लिए कौशल विकास के अवसर भी तलाश सकें।
गांव का तैयार किया जा रहा नजरी नक्शा
वर्तमान में कार्यक्रम के जागृति चरण के तहत सोशल मैपिंग का कार्य चल रहा है। इसमें गांव के हितधारकों के सहयोग से नजरी नक्शा तैयार किया जा रहा है। नक्शे में पंचायत भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, सड़क, पारा-मोहल्ला, नदी-नाला जैसे प्रमुख स्थानों के साथ संभावित शिक्षार्थियों की संख्या का भी चिन्हांकन किया जा रहा है।
कार्यक्रम से जुड़े लोगों के अनुसार यह पहल विशेष रूप से बालिकाओं के लिए संचालित की जा रही है, ताकि शिक्षा से दूर हो चुकी युवतियों और महिलाओं को दोबारा पढ़ाई से जोड़ा जा सके।
स्थानीय स्तर पर मिल रहा सहयोग
कार्यक्रम को सफल बनाने में गांव के सरपंच, उपसरपंच, पंच, मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका, शिक्षक, स्व-सहायता समूह की महिलाएं तथा युवा-युवतियां सहयोग कर रहे हैं। स्थानीय स्तर पर लोगों की भागीदारी से कार्यक्रम को प्रभावी बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

कार्यक्रम के संचालन में प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर कविता नागेश, परमेश्वरी नेगी, मोहनी कश्यप और रमेश यदु के साथ प्रयोग समाज सेवी संस्था के अध्यक्ष सीताराम सोनवानी, सचिव अरुण भाई कोसरिया तथा गरियाबंद प्रोग्राम मैनेजर राजेंद्र सिंह राजपूत का विशेष मार्गदर्शन एवं सहयोग मिल रहा है।
इस पहल से वनांचल क्षेत्र की उन बालिकाओं को शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ने का अवसर मिलने की उम्मीद है, जो आर्थिक, सामाजिक या अन्य कारणों से अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पाईं।

Satyanarayan Vishwakarma serves as the Chief Editor of Samwad Express, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments











