(संवाद एक्सप्रेस)गरियाबंद। जिला गठन के 14 वर्ष बाद भी गरियाबंद मुख्यालय बुनियादी नागरिक सुविधाओं की चुनौतियों से जूझ रहा है। रविवार को हुई हल्की से मध्यम बारिश ने शहर की जल निकासी व्यवस्था की एक बार फिर पोल खोल दी। राष्ट्रीय राजमार्ग-130c पर घंटों तक पानी भरा रहने से सड़क तालाब में तब्दील हो गई, जिससे यातायात प्रभावित रहा और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बारिश के बाद मुख्य मार्ग पर घुटनों तक पानी जमा होने से दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक दिक्कत हुई। कई लोग पानी के बीच सावधानी से वाहन निकालते नजर आए, जबकि चारपहिया वाहनों की रफ्तार भी धीमी पड़ गई। सड़क किनारे स्थित दुकानों में ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित रही, जिससे व्यापारियों को भी नुकसान उठाना पड़ा।

हर साल वही हाल, समाधान अब तक नहीं
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मानसून से पहले नगर पालिका द्वारा नालों की सफाई और जलभराव रोकने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली ही बारिश में व्यवस्थाओं की वास्तविकता सामने आ जाती है। लोगों का आरोप है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद जल निकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं बन सकी है।
NH- 130 c पर जलभराव, अंदरूनी क्षेत्रों का अंदाजा आसान
राष्ट्रीय राजमार्ग-130c जिले की सबसे व्यस्त सड़कों में शामिल है, जहां प्रतिदिन हजारों वाहनों का आवागमन होता है। ऐसे प्रमुख मार्ग पर जलभराव ने प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नागरिकों का कहना है कि यदि मुख्य सड़क का यह हाल है, तो शहर के वार्डों और अंदरूनी इलाकों की स्थिति का सहज अनुमान लगाया जा सकता है।

14 साल बाद भी अधूरी उम्मीदें
जिला बनने के बाद लोगों को बेहतर सड़क, आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम और गुणवत्तापूर्ण शहरी सुविधाओं की उम्मीद थी। लेकिन वर्षों बाद भी बारिश के दौरान जलभराव की समस्या जस की तस बनी हुई है। इससे विकास कार्यों की गुणवत्ता और उनके क्रियान्वयन पर सवाल उठ रहे हैं।
स्थायी समाधान की मांग
शहरवासियों ने नगर पालिका और जिला प्रशासन से मांग की है कि केवल कागजी दावों तक सीमित रहने के बजाय वैज्ञानिक और स्थायी जल निकासी व्यवस्था विकसित की जाए। साथ ही सड़कों का गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराया जाए तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए, ताकि हर वर्ष बरसात में लोगों को ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
जनता का सवाल
“जब जिला मुख्यालय की सबसे महत्वपूर्ण सड़क ही हल्की बारिश में तालाब बन जाती है, तो आखिर 14 वर्षों के विकास का लाभ जनता को कब मिलेगा?”

Satyanarayan Vishwakarma serves as the Chief Editor of Samwad Express, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments

















