नागेन्द्र दुबे की रिपोर्ट
(संवाद एक्सप्रेस)मनेंद्रगढ़। मनेंद्रगढ़ विकासखंड के दूरस्थ एवं ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत बनाने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक महत्वपूर्ण और सराहनीय पहल शुरू की गई है। अब ऐसे गांव, जो अपने निकटतम उप स्वास्थ्य केंद्र से पांच किलोमीटर या उससे अधिक दूरी पर स्थित हैं, वहां प्रत्येक सप्ताह गुरुवार को नियमित रूप से निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।
इस अभिनव योजना का उद्देश्य उन ग्रामीणों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है, जिन्हें दूरी, परिवहन की कमी अथवा आर्थिक कारणों से समय पर प्राथमिक उपचार नहीं मिल पाता। स्वास्थ्य विभाग की यह पहल विशेष रूप से बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, बच्चों तथा गंभीर बीमारियों से पीड़ित ग्रामीणों के लिए राहत लेकर आई है।
गांव-गांव पहुंच रही स्वास्थ्य सेवाएं
स्वास्थ्य विभाग की टीम अब सीधे गांवों में पहुंचकर लोगों की स्वास्थ्य जांच कर रही है। शिविरों में सामान्य एवं मौसमी बीमारियों की जांच, रक्तचाप परीक्षण, बुखार, सर्दी-खांसी, त्वचा रोग, कमजोरी, संक्रमण सहित अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का परीक्षण किया जा रहा है। अनुभवी स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा मरीजों को आवश्यक परामर्श दिया जा रहा है तथा जरूरतमंदों को निःशुल्क दवाइयों का वितरण भी किया जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि पहले छोटी-छोटी बीमारियों के इलाज के लिए भी कई किलोमीटर दूर स्वास्थ्य केंद्र जाना पड़ता था, जिससे समय और पैसे दोनों की परेशानी होती थी। अब गांव में ही स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होने से लोगों को बड़ी राहत मिली है।
गर्भवती महिलाओं और बच्चों को मिल रहा विशेष लाभ
शिविरों में गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच, टीकाकरण संबंधी जानकारी तथा पोषण परामर्श भी दिया जा रहा है। बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण और आवश्यक सलाह के माध्यम से कुपोषण एवं मौसमी बीमारियों की रोकथाम पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि समय पर जांच और उपचार से गंभीर बीमारियों की संभावना को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसी उद्देश्य से गांव स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है।
जागरूकता अभियान पर भी विशेष जोर
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे के अनुसार, इन स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से केवल उपचार ही नहीं, बल्कि ग्रामीणों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाने का भी प्रयास किया जा रहा है। शिविरों में स्वच्छता, पोषण, संक्रामक बीमारियों से बचाव, मौसमी रोगों की रोकथाम तथा नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व के बारे में जानकारी दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि मनेंद्रगढ़ विकासखंड में प्रारंभ की गई यह पहल सफल रही तो इसे भविष्य में जिले के अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में भी विस्तारित किया जाएगा।
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने की सराहना
इस पहल को स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। लोगों ने स्वास्थ्य विभाग के इस प्रयास को ग्रामीण क्षेत्रों के लिए “मील का पत्थर” बताते हुए कहा कि इससे गांवों में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति विश्वास बढ़ेगा और लोगों को समय पर उपचार मिल सकेगा।
ग्रामीणों का कहना है कि नियमित रूप से हर गुरुवार लगने वाले इन शिविरों से अब उन्हें छोटी बीमारी के लिए शहर या स्वास्थ्य केंद्र के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इससे आर्थिक बोझ भी कम होगा और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच भी बढ़ेगी।
स्वास्थ्य विभाग की नई सोच बनी उम्मीद
कुल मिलाकर, मनेंद्रगढ़ विकासखंड में शुरू किया गया यह निःशुल्क साप्ताहिक स्वास्थ्य शिविर अभियान ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक प्रभावी कदम साबित हो रहा है। गांवों तक सीधे स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की यह पहल न केवल उपचार उपलब्ध करा रही है, बल्कि ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य जागरूकता और भरोसे को भी नई मजबूती दे रही है

Satyanarayan Vishwakarma serves as the Chief Editor of Samwad Express, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments

















