1. दो-दो बार ट्रांसफर आदेश, फिर भी नहीं हुआ पालन
2. जिला अध्यक्ष कल्याण सिंह कपिल के नेतृत्व में पदाधिकारी धरने पर बैठे
3. एसडीओ ने कोर्ट के स्टे ऑर्डर का हवाला देकर पल्ला झाड़ा
4. संघ ने चेताया– जल्द कार्रवाई न हुई तो आंदोलन और तेज होगा
गरियाबंद । जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां जिला वनोपज सहकारी संघ मर्यादित के पदाधिकारियों ने आज एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। आरोप है कि संघ में पदस्थ लेखापाल का लंबे समय पहले ट्रांसफर आदेश जारी हो चुका है, यहां तक कि दो-दो बार आदेश निकलने के बाद भी अब तक उसे कार्यमुक्त नहीं किया गया है। इस लापरवाही के चलते संघ का नियमित कामकाज प्रभावित हो रहा है और पदाधिकारियों में भारी नाराज़गी देखी जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, जिला वनोपज सहकारी संघ मर्यादित गरियाबंद में पदस्थ लेखापाल के ट्रांसफर आदेश जारी होने के बावजूद उसे अब तक कार्यमुक्त नहीं किया गया। इसी मुद्दे को लेकर संघ के जिला अध्यक्ष कल्याण सिंह कपिल सहित संचालक मंडल के सदस्य और पदाधिकारी धरना स्थल पर डटे रहे और जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

धरना प्रदर्शन के दौरान पदाधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि कई बार इस संबंध में मांग उठाई गई, ज्ञापन सौंपे गए, लेकिन संबंधित अधिकारियों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। संघ का कहना है कि यह न केवल संघ के कामकाज में बाधा डाल रहा है, बल्कि नियमों की भी खुलेआम अनदेखी है।
वहीं, इस मामले में वन विभाग की एसडीओ अतुल श्रीवास्तव ने कोर्ट के स्टे ऑर्डर का हवाला देते हुए जिम्मेदारी से किनारा कर लिया। इस रवैये ने पदाधिकारियों का आक्रोश और बढ़ा दिया।
धरने के दौरान संघ पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही लेखापाल को कार्यमुक्त कर आदेश का पालन नहीं किया गया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
फिलहाल, यह मामला गरियाबंद जिले में तूल पकड़ चुका है और देखना होगा कि प्रशासन जल्द कोई ठोस कदम उठाता है या फिर वनोपज सहकारी संघ का आंदोलन और बड़ा रूप लेता है।

Satyanarayan Vishwakarma serves as the Chief Editor of Samwad Express, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments

















