सोहागपुर। थाना सोहागपुर क्षेत्र में हुई 30 लाख के आभूषण चोरी की घटना ने कुछ दिनों तक पूरे कस्बे के कान खड़े कर दिए थे। फरियादी सिद्धगणेश शुक्ला के घर के पीछे बने नवनिर्मित कमरे में चोरों ने अलमारी तोड़कर कीमती जेवर और नकद राशि उड़ा ली थी। लेकिन पुलिस ने इस बार चोरों को यह एहसास दिला दिया कि “रामजानकी मंदिर के पास रहने वाले चोर, रामजानकी मंदिर के पास ही पकड़े जाते हैं।”

घटना की रिपोर्ट दर्ज होते ही पुलिस एक्टिव मोड में आ गई—कुछ ऐसा जैसे मोबाइल का बैकग्राउंड ऐप अचानक फोरग्राउंड में आ गया हो। फिर क्या था, पुलिस टीम लगी सुराग जोड़ने में और आखिरकार तीनों आरोपी—
1. हर्षित द्विवेदी (27),
2. हरेकृष्ण द्विवेदी (29),
3. वीरेंद्र वर्मा उर्फ मंकू (22)
सबके सब एक ही मोहल्ले से उठाए गए। मानो किसी ने चोरी करने की जगह ‘लोकल सपोर्ट’ का ऑप्शन चुन लिया हो।
घर-घर पूछताछ, इलाके में दबिश, और पुलिस की तेज़ रफ्तार कार्रवाई के बाद जब 30 लाख के सोने-चांदी के आभूषण बरामद हुए, तो थाने में भी पल भर के लिए खुशी की ऐसी लहर दौड़ी जैसे लॉटरी लग गई हो—पर सरकारी लॉटरी।

स्थानीय लोग भी हैरान—
“अरे भाई, चोर भी हमारे ही पड़ोस के! अब तो रात में खिड़की खोलकर सोने से पहले पड़ोसियों की ओर थोड़ा संदेह भरी निगाह डालना पड़ेगा।”
उधर पुलिस टीम की प्रशंसा अलग-अलग कोणों से होती रही। थाना प्रभारी निरीक्षक भूपेंद्र मणि पांडेय एवं उनकी पूरी टीम—उ.नि. आनंद झारिया से लेकर आर. सत्यप्रकाश मिश्रा तक—सबके नाम इस अंदाज़ में गूंजे जैसे किसी ब्लॉकबस्टर फिल्म की स्टारकास्ट हो।
अंत में पुलिस ने बयान जारी कर बताया—
“चोरी का खुलासा रेकॉर्ड समय में कर लिया गया है।”
और सच भी है, इतनी जल्दी तो कई बार लोग अपना खोया हुआ चश्मा भी नहीं ढूंढ पाते।

Satyanarayan Vishwakarma serves as the Chief Editor of Samwad Express, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments

















