(संवाद एक्सप्रेस) बारमते
कोरब,पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए म्यूल खातों का इस्तेमाल करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी देश के विभिन्न राज्यों में की गई साइबर ठगी की रकम हासिल करने में शामिल थे म्यूल अकाउंट ऐसे बैंक खातों को कहते हैं जिन्हें खाताधारक पैसे के लालच में साइबर ठगों को किराए पर दे देते हैं इन खातों का इस्तेमाल ठगी गई राशि को प्राप्त करने और वास्तविक अपराधियों की पहचान छिपाने के लिए किया जाता है।
भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा संचालित समन्वय पोर्टल से प्राप्त जानकारी के आधार पर पुलिस इन म्यूल खातों पर लगातार निगरानी रख रही थी जांच में पता चला कि थाना कुसमुंडा क्षेत्र के कुछ व्यक्तियों ने नए बैंक खाते खुलवाकर उन्हें म्यूल अकाउंट के रूप में ठगों को उपलब्ध कराया था
पर्याप्त सबूत मिलने के बाद साइबर पुलिस थाना कोरबा और थाना कुसमुंडा की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में एमडी तवरेज (23 वर्ष,पिता एम.डी.गयासुद्दीन,आनंद नगर कुसमुंडा)और पुष्पेंद्र साहू (22 वर्ष,पिता श्याम सुंदर साहू आनंद नगर) शामिल हैं। दोनों को जेल भेज दिया गया है।
कोरबा पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने बैंक खाते,एटीएम,चेकबुक या ओटीपी किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें,क्योंकि ऐसा करना दंडनीय अपराध है साइबर अपराध से संबंधित किसी भी सूचना के लिए तत्काल साइबर पुलिस थाना या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने यह भी बताया कि ठग गिरोह लोगों को कई तरीकों से अपना शिकार बनाते हैं,जैसे रकम दोगुना करने का लालच देना,संदिग्ध लिंक भेजना,या बैंक अधिकारी/पुलिस बनकर ठगी का प्रयास करना पुलिस ऐसे गिरोहों के प्रति जन जागरूकता अभियान भी चला रही है और लोगों से ऐसे झांसे में न आने की अपील की है।







