(संवाद एक्सप्रेस)गरियाबंद। गरियाबंद जिले के मैनपुर क्षेत्र स्थित आदिवासी आश्रम छात्रावासों में लगातार सामने आ रही घटनाओं ने व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ताजा मामला आदिवासी बालक आश्रम बडेगोबरा का है, जहां कक्षा 8वीं में अध्ययनरत एक छात्र बाथरूम में गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान छात्र और उसके पिता के अचानक अस्पताल से गायब हो जाने से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब बीते कुछ दिनों में आश्रम छात्रावासों में लगातार हादसे हो रहे हैं, जिससे अभिभावकों और क्षेत्रवासियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
बाथरूम में गिरने से टूटा हाथ, कंधे की हड्डी भी खिसकी
जानकारी के अनुसार ग्राम नगरार निवासी ललित कुमार मरकाम, पिता मोहन मरकाम, आदिवासी बालक आश्रम बडेगोबरा में कक्षा 8वीं का छात्र है। सोमवार सुबह लगभग 9 बजे वह आश्रम परिसर के बाथरूम में कपड़े धो रहा था। इसी दौरान पीछे से दूसरे छात्र के धक्का लगने से वह अचानक फिसलकर गिर पड़ा।
गिरने से छात्र का एक हाथ टूट गया तथा कंधे (शोल्डर) की हड्डी भी खिसक गई। घटना के बाद आश्रम प्रबंधन द्वारा तत्काल छात्र को मैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल गरियाबंद रेफर किया गया।
डॉक्टरों ने जांच के बाद हाथ में फ्रैक्चर और कंधे की हड्डी खिसकने की पुष्टि की और उपचार शुरू किया गया।

इलाज के दौरान छात्र और पिता अस्पताल से गायब
मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब उपचार के दौरान छात्र और उसके पिता बिना किसी को जानकारी दिए अस्पताल से चले गए। आश्रम अधीक्षक सुरेश सागर के अनुसार छात्र के पिता को सूचना देकर बुलाया गया था, लेकिन इलाज जारी रहने के बीच दोनों अचानक अस्पताल से निकल गए।
आश्रम प्रबंधन द्वारा लगातार फोन किए जाने के बावजूद छात्र के पिता द्वारा कॉल रिसीव नहीं किया जा रहा है। फिलहाल छात्र की तलाश की जा रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि घायल छात्र को लेकर उसके पिता कहां गए।
अस्पताल से इस तरह अचानक चले जाने की घटना को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
लगातार तीसरी घटना से बढ़ा आक्रोश
मैनपुर क्षेत्र के आश्रम छात्रावासों में यह बीते कुछ समय में तीसरी बड़ी घटना बताई जा रही है।
इससे पहले बडेगोबरा आश्रम के छात्र राघव मंडावी की बीमारी के दौरान समय पर इलाज नहीं मिलने के आरोपों के बीच 30 जनवरी को धमतरी के अस्पताल में मौत हो गई थी।
इस घटना को लेकर आदिवासी समाज में भारी आक्रोश फैल गया था और मैनपुर में चक्काजाम भी किया गया था। बाद में आश्रम अधीक्षक और मंडल संयोजक पर कार्रवाई करते हुए उन्हें हटाया गया था।
वहीं 21 फरवरी को मैनपुर से लगभग 8 किलोमीटर दूर बेहराडीह झरियाबहरा आश्रम में एक छात्र 10 फीट ऊंची सीढ़ी से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसका इलाज अभी रायपुर में जारी है।
लगातार हो रही घटनाओं ने आश्रमों की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

दुर्गम क्षेत्र का निवासी छात्र, बढ़ी चिंता
बताया जा रहा है कि घायल छात्र अत्यंत दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र आमामोरा-ओंड़, नगरार का निवासी है। ऐसे में बिना सूचना अस्पताल से चले जाना प्रशासन और आश्रम प्रबंधन दोनों के लिए चिंता का विषय बन गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि छात्र की हालत गंभीर थी तो बिना चिकित्सकीय अनुमति अस्पताल छोड़ना भी जांच का विषय होना चाहिए।
कलेक्टर से जांच और निरीक्षण की मांग
लगातार सामने आ रही घटनाओं से नाराज क्षेत्रवासियों और आदिवासी समाज के लोगों ने गरियाबंद कलेक्टर भगवान सिंह उईके से पूरे मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। लोगों ने मांग की है कि—
जिले के सभी आश्रम छात्रावासों का तत्काल निरीक्षण कराया जाए,
सुरक्षा एवं स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की समीक्षा हो,
लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए,
अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर यह पता लगाया जाए कि छात्र किसके साथ और किन परिस्थितियों में अस्पताल से गया।
सवालों के घेरे में आश्रमों की व्यवस्था
लगातार सामने आ रही घटनाएं यह संकेत दे रही हैं कि मैनपुर क्षेत्र के आश्रम छात्रावासों में निगरानी, स्वास्थ्य सुविधा और सुरक्षा व्यवस्था गंभीर रूप से प्रभावित है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को शिक्षा और सुरक्षित वातावरण देने के उद्देश्य से आश्रमों में भेजा जाता है, लेकिन बार-बार हो रही घटनाएं चिंता बढ़ा रही हैं।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और आश्रम छात्रावासों की व्यवस्था सुधारने के लिए कौन-से ठोस कदम उठाए जाते हैं।

Satyanarayan Vishwakarma serves as the Chief Editor of Samwad Express, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments

















