(संवाद एक्सप्रेस) बारमते
नया जिलाधीश आने के बाद राजस्व विभाग की क्या स्थिति
बलौदाबाजार,जिले में अनेकों खबर पढ़ने देखने सुनने को मिलते रहता है इसी तारतम्य में आज पुनः जो लगभग 2017 से चली आ रही है वहीं रीति रिवाज भाटापारा तहसील में अनवरत जारी है और यह आज एक नई कहानी नहीं है ऐसी कोई कहानी है जो चली आ रही है और राजस्व विभाग में देखा जाए तो सीधे-सीधी कार्रवाई पर तत्काल निराकरण होता है मगर विभागीय त्रुटि और विभागों की विभागीय बंदों की गलती को नजरअंदाज करना और उन पर विचार नहीं करना उनका अनुकरण नहीं करके आवेदक को लगातार कोर्ट कचहरी और अदालत के चक्कर तथा अपने कार्यपाली मजिस्ट्रेट के कार्यालय में चक्कर लगवाने का कार्य राजस्व मंत्री के क्षेत्र में राजस्व विभाग के द्वारा किया जा रहा है जिसकी आवेदक ने घोर निंदा की है और उन्होंने यह भी कहा है कि यह एक बार नहीं है मैंने कई बार प्रशासन को,शासन को गंभीरता से इस विषय में जांच कर उचित कार्यवाही करने के लिए दशा और दिशा का अनुकरण आवेदन के माध्यम से दिया था मगर मेरी सुनवाई नहीं हो पा रही है अतः पुनः एक बार आम नागरिक एवं शासन प्रशासन को सूचना देते हुए एवं चेतावनी के रूप में तीन दिवस के भीतर 2015 में जो आदेश हुई है उसके तारतम्य में परिपालन नहीं होने की स्थिति में खसरा नंबर 62/1,62/ 18,145 /1, 146/1,1145/2,148/2, 156/14, 157/14 तथा 413 भूमि पर राजस्व प्रकरण क्रमांक 13/अ-6-अ/वर्ष 2013-14 के प्रकरण में तहसील में यह दिनांक 11/03/2015 को आदेश हुआ था जिसमें सभी खसरे की त्रुटि सुधार कर नामांतरण करने की प्रक्रिया हुई थी तब से यह राजस्व रिकॉर्ड में दुरूस्ति हो चुकी थी मगर 2 साल बाद पटवारी के द्वारा नक्शे में छेड़छाड़ करने के वजह से आज के दिनांक में वह शासकीय मद् में दर्ज दिख रहा है।
जिसका निराकरण लगभग कुछ वर्षों से चले आ रहा है मगर पांच जिलाधीश बदल गए लगभग 7 से 8 तहसीलदार बदल गए मगर निराकरण नहीं हुआ ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या राजस्व विभाग अपनी छवि खराब करने में लगे हैं, क्या राजस्व विभाग प्रकरण का निराकरण नहीं करना चाहते, क्या राजस्व विभाग अपने विभागीय अधिकारियों की या विभाग में नियुक्त पटवारी आर आई व तहसीलदारों की संरक्षण के प्रविधि में लगे हैं और सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या राजस्व मंत्री के क्षेत्र में राजस्व का निराकरण नहीं होना यह लाजमीं है क्या, सवाल कई तरह के घेरे में है मगर आवेदक छक्कन दास मनहरे ने आम जनमानस को सूचना देते हुए तथा प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि तीन दिवस के अंदर प्रकरण का संपूर्णतः निराकरण नहीं होने से वह तार घेरा करेगा इसमें किसी भी अप्रिय घटना होने की दशा और दिशा में शासन प्रशासन जिम्मेदार होगी।

















