(संवाद एक्सप्रेस)गरियाबंद। जिले की राजनीति सोमवार को उस वक्त गरमा गई, जब जिला कांग्रेस कमेटी गरियाबंद के मार्गदर्शन में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी देवभोग के नेतृत्व में नेशनल हाईवे पर जोरदार चक्का जाम किया गया। कांग्रेस के इस प्रदर्शन ने न सिर्फ यातायात को प्रभावित किया, बल्कि क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर प्रशासन पर दबाव भी बनाया।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, पदाधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि सड़क पर उतर आए। इस वजह से नेशनल हाईवे पर लंबे समय तक यातायात बाधित रहा और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
दो प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन तेज
कांग्रेस के इस चक्का जाम का मुख्य उद्देश्य दो अहम जनहित मांगों को लेकर था। पहली मांग बेलाट नाला पर पुलिया निर्माण की है, जो लगभग 36 गांवों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुखचंद बेसरा ने कहा कि पुलिया के अभाव में ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। खासकर बारिश के दिनों में नाला उफान पर होने से आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है, जिससे जनजीवन प्रभावित होता है।

दूसरी बड़ी मांग झाखरपारा में जिला सहकारी बैंक की स्थापना को लेकर है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि बैंक सुविधा नहीं होने से किसानों और ग्रामीणों को लंबी दूरी तय कर अन्य स्थानों पर जाना पड़ता है, जिससे समय और संसाधनों की बर्बादी होती है।
नेताओं ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शन में शामिल क्षेत्रीय विधायक जनक ध्रुव ने कार्यकर्ताओं के साथ एकजुटता दिखाते हुए प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि इन मांगों को शीघ्र पूरा नहीं किया गया, तो कांग्रेस आंदोलन को और उग्र रूप देगी। जिला अध्यक्ष सुखचंद बेसरा ने भी प्रशासन को चेताते हुए कहा कि यह आंदोलन जनता की आवाज है, जिसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।
इस दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुखचंद बेसरा, विधायक जनक ध्रुव, भूपेंद्र मांझी, महेश्वर बघेल, कुंजल यादव, लोकेंद्र सिंह कोमर्रा, महामंत्री सोदर कश्यप, राजेश तिवारी, नगर पंचायत अध्यक्ष जयकुमार यादव, रामकृष्ण ध्रुव, ललिता यादव, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष दुर्गा चरण अवस्थी, उमेश डोंगरे, निराकार डोंगरे, मानसिंह, दुर्गा सांनदो धुर्वा, राजकुमार प्रधान, गोवर्धन प्रधान, मंडल अध्यक्ष बालकृष्ण मोंगराज, सूर्यकांत सिंदुर, पार्षद दमयंती सोनी, अरुण कुमार सोनवानी, दिवाधर चुरपाल, भंवर सिन्हा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बूथ 99 में कांग्रेस की बड़ी सेंध, बीजेपी के 20 कार्यकर्ता शामिल
वहीं दूसरी ओर, राजिम क्षेत्र के बूथ क्रमांक 99 में आयोजित कांग्रेस की बैठक के दौरान एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया। भारतीय जनता पार्टी के 20 कार्यकर्ताओं ने पार्टी छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया, जिससे स्थानीय राजनीति में हलचल मच गई है।
बैठक में पूर्व पंचायत मंत्री अमितेश शुक्ला ने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर जोर दिया। इसी दौरान बीजेपी से जुड़े कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस की नीतियों में विश्वास जताते हुए सार्वजनिक रूप से पार्टी में शामिल होने की घोषणा की। सभी नवप्रवेशी कार्यकर्ताओं का कांग्रेस नेताओं द्वारा फूल-माला पहनाकर स्वागत किया गया।
नवप्रवेशी सदस्यों ने कहा कि वे कांग्रेस की जनहितकारी नीतियों और विचारधारा से प्रभावित होकर पार्टी में शामिल हुए हैं। कांग्रेस नेताओं ने इसे संगठन की बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि लगातार लोग पार्टी से जुड़ रहे हैं, जिससे पार्टी की मजबूती बढ़ रही है।
राजनीतिक समीकरणों पर पड़ेगा असर
स्थानीय राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बूथ स्तर पर इस तरह की राजनीतिक हलचल आने वाले चुनावों में बड़ा असर डाल सकती है। कांग्रेस इसे अपने पक्ष में माहौल बनने का संकेत मान रही है, जबकि बीजेपी खेमे में इस घटनाक्रम के बाद हलचल तेज हो गई है।
इस अवसर पर अमितेश शुक्ला, जिला उपाध्यक्ष पावन सोनकर, मंडल अध्यक्ष गोविंद कहार, पार्षद यशवंत निराला सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

Satyanarayan Vishwakarma serves as the Chief Editor of Samwad Express, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering topics such as local and regional developments

















